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भोपाल से एसी ट्रेन का किराया 1400 रुपए, स्टेशन से घर पहुंचने में टैक्सी में लगे 2500 रुपए

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजधानी स्पेशल ट्रेन से आने वाले यात्रियों को दोहरी चपत लग रही है। दिल्ली और भोपाल जैसे शहरों से एसी ट्रेन से आने में उन्हें 1400 से दो हजार रुपए किराया लगता है। लेकिन स्टेशन से आसपास के जिलों के लिए बस सेवा नहीं होने कारण उन्हें घर पहुंचने में टैक्सी में 2500 से &000 रुपए तक मार झेलनी पड़ रही है। दरअसल इन दिनों रेलवे स्टेशन में निजी टैक्सी वाली काफी सक्रिय है। यहां यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूल रहे हैं।

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भोपाल से एसी ट्रेन का किराया 1400 रुपए, स्टेशन से घर पहुंचने में टैक्सी में लगे 2500 रुपए

भोपाल से एसी ट्रेन का किराया 1400 रुपए, स्टेशन से घर पहुंचने में टैक्सी में लगे 2500 रुपए

रायपुर. आम तौर प्राइवेट टैक्सी का किराया भले ही 10 से 11 रुपए प्रति किलो के अंदर ही किराया लगता है। लेकिन लॉकडाउन का भरपूर फायदा उठाया जा रहा है। राजधानी स्पेशल ट्रेन रायपुर आने के दौरान स्टेशन परिसर में प्राइवेट टैक्सी वाले सक्रिय हो जाते हैं। इसकी वजह है कि इस ट्रेन का स्टॉपेज नागपुर के बाद सीधे रायपुर ही तय है। इसलिए कई जिलों के लोग यहीं उतरते हैं। इसका फायदा प्राइवेट टैक्सी वाले उठा रहे हैं।
सड़क पर बैठकर नाश्ता किए, फिर ढाई घंटे बाद रवाना
रविवार को एेसी ही तस्वीर सामने आई। स्टेशन परिसर के गार्डन के पास लगे तम्बू के पास 8-10 यात्री सड़क पर बैठकर नाश्ता किया। उस दौरान प्राइवेट टैक्सी वाले काफी सक्रिय थे। उन यात्रियों के बीच किराया को लेकर काफी देर तक चर्चा होती रही। राजनांदगांव के चार लोग थे। इनमें से संतोष कुमार ने बताया कि टैक्सी वाले से 25 रुपए प्रति किमी के रेट से किराया तय हुआ और दो घंटा इंतजार के बाद वाहन आया। इसी तरह भोपाल में लौटे मेडिकल छात्र अभिषेक ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ & हजार रुपए टैक्सी वाले को देकर घर पहुंचेगा। जबकि ट्रेन में 1&70 रुपए थर्ड एसी का किराया लगा था।
ट्रेन सप्ताह में दो दिन तय, लेकिन बसें नहीं
लॉकडाउन में फंसे लोगों को लाने और ले जाने के लिए सप्ताह में दो दिन नई दिल्ली से बिलासपुर के बीच राजधानी स्पेशल पैसेंजर ट्रेन चलाई जा रही है। शनिवार को इस ट्रेन का नई दिल्ली से दूसरा फेरा था। इस ट्रेन से दुर्ग, राजनांदगांव और कवर्धा जिले के 8 से 10 लोगों को घर जाने में विकट स्थिति का सामना करना पड़ा। जिसमें भोपाल से लौटे कवर्धा जिले के तीन मेडिकल छात्रा भी शामिल थे। उन्हें 25 सौ से & हजार रुपए देकर निजी टैक्सी से घर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर का कहना है कि बाहर से आने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए आरटीओ को निर्देशित किया है। स्टेशन परिसर में मनमानी रेट तय करने वाले प्राइवेट टैक्सी वालों का निर्धारित किराया तय किया जाएगा।