Raipur crime news : इसके बावजूद आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 6 घंटे तक सचिन को वाट्सऐप मैसेज में उलझाए रखा, ताकि उसका लोकेशन पुलिस ट्रेस कर सके। फिर इसी के चलते आरोपी को ओडिशा पुलिस पकड़ पाई।
रायपुर। प्राइवेट बैंक में काम करने वाली तनु के हत्यारे को पकड़ने के लिए पुलिस टीम के साथ उनके बड़े भाई उमेश भी गए थे। आरोपी के पकड़े जाने से पहले वाली रात वाट्सऐप पर आरोपी सचिन अग्रवाल हत्या करने, शव जलाने जैसे कई ऐसे मैसेज किए थे, जिसे सहन करना काफी मुश्किल था। इसके बावजूद आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 6 घंटे तक सचिन को वाट्सऐप मैसेज में उलझाए रखा, ताकि उसका लोकेशन पुलिस ट्रेस कर सके। फिर इसी के चलते आरोपी को ओडिशा पुलिस पकड़ पाई।
एसपी ऑफिस में आया पहला मैसेज
उमेश के मुताबिक 30 नवंबर की शाम करीब 6.30 बजे बलांगिर एसपी ऑफिस में तनु के शव की शिनाख्ती हो रही थी। इसके बाद प्लानिंग के तहत सचिन को वाट्सऐप मैसेज किया गया। उसका मोबाइल बीच-बीच में बंद हो जाता था, लेकिन जब भी चालू होता, वह जवाब देता था। बातचीत के दौरान उसने गोली मारकर हत्या करने, फिर शव जलाने की जानकारी दी। खून से सना जैकेट वाट़्सऐप किया। यह मैसेज पढ़कर तनु के भाई के आंसू निकल आए और उसके लिए गुस्सा भी आ रहा था, लेकिन अपनी इन भावनाओं को वह मैसेज में भी व्यक्त नहीं कर सकता था। इसके बदले वह सचिन से तनु के शव को दिखाने, अपने परिवार वालों से नाराज होने, एक बार मिलना है, जैसे मैसेज करके उसे उलझाए रखा। उसे यकीन दिलाता था कि वह अकेला ही ओडिशा आया है। बाद में सचिन ने उसे धमकाते हुए मैसेज किया कि बस एक हेल्प मैं कर सकता हूं तेरी, तेरी बहन की जली हुई लाश तक पहुंचा सकता हूं। इस तरह अलग-अलग मैसेज के जरिए उससे वाट्सऐप चैटिंग होती रही। यह चैटिंग रात करीब 1 बजे तक चली। इस दौरान सुबह ओडिशा पुलिस ने उसे कोलकाता भागने के लिए ट्रेन में सवार होते धरदबोचा।
लोकेशन भी किया था वाट्सऐप
आरोपी ने वाट्सऐप मैसेज के जरिए पहले पिथौरा के जंगल में हत्या के बाद शव जलाने का मैसेज किया था। बागबाहरा से पिथौरा जाते समय बीच में आने वाले जंगल में शव को जलाने का मैसेज किया था। आरोपी ने उसका लोकेशन भी वाट्सऐप किया था।
कौन है गौरव?
आरोपी सचिन ने बिलासपुर के गौरव को लेकर गलतफहमी पाल रखी थी। गौरव तनु के रिश्ते में भाई है। गौरव का ही एक दिन तनु के मोबाइल में फोन आया था। इसी को लेकर सचिन उसे परेशान करने लगा था। वाट्सऐप मैसेज में भी आरोपी ने इसका जिक्र किया है।
रायपुर पुलिस ने नहीं दिया ध्यान
आमतौर पर जो बालिग लापता होते हैं, उसे लेकर पुलिस का रवैया निराशाजनक होता है। उसकी जांच में पुलिस गंभीरता नहीं बरतती। तनु के गुमशुदा रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मंदिरहसौद टोल प्लाजा का सीसीटीवी फुटेज मिला था, जिसमें कार नंबर और युवती भी नजर आ रही थी। इसके बावजूद मोवा पुलिस ने नेशनल हाइवे से लगे थानों और ओडिशा पुलिस से संपर्क नहीं किया और न ही किसी तरह से मदद मांगी।
तनु के भाई खून से सनी जैकेट की फोटो भेजता था आरोपी सचिन