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100 साल पुराना तिल्दा रेलवे स्टेशन का बदला नाम, अब इस नाम से जाना जाएगा

यह बदलाव साल 2018 के आखिरी महीने के प्रथम दिन यानी कि 1 दिसंबर से लागू हो जाएगा।

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100 साल पुराना तिल्दा रेलवे स्टेशन का बदला नाम, अब इस नाम से जाना जाएगा

रायपुर/तिल्दा नेवरा. राजधानी रायपुर से लगे तिल्दा रेलवे स्टेशन के साथ अब नेवरा का भी नाम जुड़ जाएगा। हावड़ा- मुंबई रेल लाइन में स्थित इस स्टेशन के नाम के साथ नेवरा का नाम करीब 100 साल से भी ज्यादा के बाद जोड़ा जाएगा। हालांकि इस शहर को तिल्दा नेवरा के नाम से जाना जा रहा था लेकिन रेलवे स्टेशन को सिर्फ तिल्दा कहा जा रहा था। नाम जोडऩे की पूरी प्रक्रिया हो जाने के बाद 1 दिसंबर से यह लागू हो जाएगा।

2 दिन पूर्व डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर के बीआर मूर्ति ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। यह बदलाव साल 2018 के आखिरी महीने के प्रथम दिन यानी कि 1 दिसंबर से लागू हो जाएगा। इस स्टेशन का नाम बदलने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे थे। जेड आरयूसीसी सदस्य दीपक शर्मा द्वारा समय समय पर होने वाली बैठकों में इस मुद्दे को रेल प्रशासन के सामने लगातार उठाया जा रहा था। इसके अलावा दीपक ने रेल मंत्रालय से लेकर रेलमंत्री को भी पत्र भेजकर इस ओर ध्यान आकर्षित किया जाता रहा। लेकिन अब इस पर मुहर लग गई है।

तिल्दा स्टेशन का नाम बदलकर तिल्दा नेवरा किए जाने की जानकारी सभी सीएसएमण् एसएम सीआरएस सीपीएस, सीटीआई, सीसीआई सीनियर सीआईए को भेज दी गई है। 1 दिसंबर को स्टेशन में नए नाम का चस्पा हो जाएगा। इसके अलावा रिजर्वेशन में भी यही नाम लिखा कर आएगा हालांकि कोड टी एलटीडी ही लिख आएगा। इस संदर्भ में रेलवे बोर्ड को भी जानकारी भेज दी गई है।

रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर स्टेशन के नाम तिल्दा के साथ नेवरा जोड़े जाने के लिए मांग की जाती रही
100 साल से भी अधिक पुरानी रेलवे स्टेशन का नाम शुरू से तिल्दा रहा है। बताया जाता है कि उस दौरान मात्र तिल्दा बस्ती मैं ही बसावट थी।जिसके कारण शहर को तिल्दा के नाम से जाना जाता था। मुंबई-हावड़ा रेल लाइन के बाई ओर तिल्दा बस्ती और दाहिनी ओर जहां अब शहर की बसावट है वहां मात्र जंगल हुआ करता था। धीरे धीरे नेवरा में भी बसावट होती गई और पूरा व्यापार नेवरा में होने लगा। बड़ी कृषि मंडी होने कारण यहां राइस मिलें लगनी शुरू हुई और नेवरा का नाम पूरे देश में चावल नगरी नेवरा के नाम से जाना जाने लगा। लेकिन रेलवे स्टेशन को तिल्दा के ही नाम से जाना जाता था।

हालांकि लोग जब भी शहर का नाम लेते थे या किसी को बताते थे तो वह यही कहते थे कि हम तिल्दा नेवरा रहते हैं। या फिर यह कहा जाए कि शहर को तिल्दा नेवरा के ही नाम से जाना जाता था। बाद में स्थानीय रेल यात्री समिति के माध्यम से रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर स्टेशन के नाम तिल्दा के साथ नेवरा जोड़े जाने के लिए मांग की जाती रही। जेड आरयूसीसी के लिए दीपक शर्मा सदस्य के चुने जाने के बाद से यह मांग तेजी से उठने लगी। जन भावनाओं को देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने इसे सहर्ष मंजूरी देते हुए रेल मंडल को नाम परिवर्तन करने का निर्देश जारी कर दिया।