
Raipur: सिस्टम लागू करने उल्टी गिनती शुरू: पुलिस कमिश्नर के पास होगी तीन गुना ज्यादा शक्ति
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को लागू करने के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। राजपत्र में 21 को अधिसूचना के प्रकाशन के साथ कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर के नाम की घोषणा होगी। साथ ही कमिश्नर को पुलिसिंग के साथ ही तीन गुना ज्यादा अधिकार, अतिरिक्त बल, संसाधन के साथ ही मजिस्ट्रियल पावर मिलेगा। बताया जाता है कि विधि विभाग और गृह विभाग के अधिकारियों द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है। साथ ही कमिश्नरी के रेंज, कार्यक्षेत्र और थानों का चिन्हांकन भी किया गया है।
23 जनवरी से कमिश्नरी सिस्टम के लागू होते ही पुलिसिंग में बदलाव देखने को मिलेगा। इसके लिए सभी जरूरी तैयारी कर ली गई है। दफ्तर से लेकर वाहन, अधिकारिक मुहर और पुलिसिंग का दायरा भी तय कर लिया गया है। अब केवल औपचारिक रूप से इसकी घोषणा करना बाकी रह गया है। गृह विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पहली बार शुरू किए जा रहे कमिश्नरी सिस्टम में पुलिसिंग में बदलाव किया गया है। भोपाल, इंदौर, चंडीगढ़, पुणे, नागपुर और भुवनेश्नर की कमिश्नरी का अध्ययन कर छ्त्तीसगढ़ मॉडल बनाया गया है। इसमें उक्त सभी शहरों में लागू कमिश्नरी के आधार पर कुछ अलग सेटअप बनाने के कारण ही अधिक समय लगा। लेकिन, सब कुछ तय कर लिया गया है।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होते ही प्रशासनिक ढांचा के साथ ही कई अहम कानूनों में अधिकारों का केंद्र भी शिफ्ट हो जाएगा। अब तक जो शक्तियां जिला कलेक्टर के पास थीं, उनमें से 17 बड़े कानूनी अधिकार में कुछ को छोड़कर अन्य सभी कमिश्नर के पास होंगे। यह बदलाव सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था, जेल प्रशासन, सार्वजनिक स्वतंत्रता, ट्रैफिक कंट्रोल, राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक कार्यक्रम और धारा 144 कमिश्नर तय करेंगे। इसी तरह पुलिस अधिनियम 2007 के तहत सभा, जुलूस, धरना और सार्वजनिक कार्यक्रमों, धारा 144 लागू करने का अधिकार पुलिस कमिश्नर को मिलेगा।
कैदी अधिनियम, 1900 के तहत पारिवारिक कारण, बीमारी या विशेष परिस्थिति में कैदियों को पैरोल देने का अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास होगा। बताया जाता है कि जेल अधिनियम, 1894 के तहत जेल प्रशासन भले ही कलेक्टर के अधीन रहेगा, लेकिन अव्यवस्था, अमानवीय व्यवहार या सुरक्षा चूक पर कार्रवाई के अधिकार कमिश्नर को मिलेंगे। साथ ही कुछ अन्य कानूनी अधिकार दिए जाएंगे।
पुलिस कमिश्नर जिले के ट्रैफिक कंट्रोलर होंगे। उन्हें वाहन संचालन, पार्किंग, स्पीड लिमिट, हॉर्न पर रोक और भारी वाहनों की एंट्री जैसे फैसले सीपी करेंगे। बताया जाता है कि लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए ट्रैफिक के अमले में इजाफा किया जाएगा। कमिश्नरी रेंज में वाहनों के संचालन, ट्रैफिक सिग्नल से लेकर मालवाहक और ऑटो की सीमा क्षेत्र तय किया जाएगा।
Updated on:
19 Jan 2026 12:06 am
Published on:
19 Jan 2026 12:06 am
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