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एनआईआरएफ में एम्स और आईआईएम रायपुर को उछाल

एनआईटी की रैंकिंग गिरी, पहली बार आईआईटी भी शामिल

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एनआईआरएफ में एम्स और आईआईएम रायपुर को उछाल

एनआईआरएफ में एम्स और आईआईएम रायपुर को उछाल

ताबीर हुसैन @ रायपुर. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने सोमवार को नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) जारी कर दी। एम्स रायपुर की रैंकिंग पिछले साल 49 थी जो बढक़र 39 में आ गई। इसी तरह आईआईएम रायपुर 14 से 11वें पायदान में पहुंच गया। इधर, एनआईटी रायपुर की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल उसकी रैंकिंग 65 थी जो गिरकर 70 तक पहुंच गई है। इधर, रैंकिंग में पहली बार पार्टिसिपेट करने वाला आईआईटी भिलाई 81 रैंकिंग पर है। फॉर्मेसी सेक्टर में गुरुघासीदास विवि की रैंकिंग पिछले साल की तरह 43 ही है। रविवि इस बार भी 151-200 रैंक कैटिगरी में है।

आईआईएम का बढ़ता ग्राफ

आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर प्रो. रामकुमार काकानी ने कहा, रैंकिंग के मामले में आईआईएम रायपुर का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ सालों के आंकड़ें देखें तो 2019 में वह 19वीं रैंक पर था जो बढ़ते हुए आज 11वीं रैंकिंग पर आ गया है। हमें बहुत खुशी और गर्व भी है। हमारा लक्ष्य टॉप टेन में शामिल होना है।

परफॉर्मेंस स्कोर बढ़ा है

प्रोफेसर मनोज प्रधान, एनआईआरएफ रैंकिंग इंचार्ज एनआईटी ने कहा, ये जरूर है कि हमारी रैंकिंग कम हुई है लेकिन स्कोर की बात करें तो बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल स्कोर 45.71 था जो बढक़र 47.69 हुआ है। यह कॉम्पीटिशन है, कोई न कोई आगे रहेगा ही। पिछले साल फैकल्टी रिक्रुटमेंट बड़ा फैक्टर था। रिसर्च पर भी काम हो रहा है। कोशिश रहेगी कि आगे रैंकिंग में सुधार हो।

और बेहतर आएगी रैंकिंग
डॉ. नितिन नागरकर, डायरेक्टर एम्स रायपुर ने कहा एक ही छत के नीचे बहुत सी सुविधाएं लगातार मिल रही हैं। अलग-अलग कोर्सेस हैं। पीजी में लगभग सभी कोर्स चल रहे हैं। इक्विप्मेंट भी हैं। रिसर्च पर अच्छा ध्यान देंगे और कोशिश रहेगी कि इससे और बेहतर रैंकिंग आए।

टॉप 50 में आने का टारगेट रहेगा

प्रो. राजीव प्रकाश, डायरेक्टर आईआईटी भिलाई ने कहा, हमारा यह पहला पार्टिसिपेशन है और टॉप 100 में जगह बन गई। टीचिंग-स्टूडेंट रेशियो, रिसर्च और फंडिंग के चलते हम उनके पैरामीटर पर खरे उतर पाए हैं। हालांकि अभी परसेप्शन और पीएचडी रिसर्च में थोड़े पीछे हैं। आगे इस पर ध्यान देकर टॉप 50 में आने का टारगेट रहेगा।

ट्रिपलआईटी शामिल नहीं हुआ

के.जी. श्रीनिवास, डीन आरएंडडी ट्रिपलआईटी ने कहा, एनआईआरएफ के पैरामीटर में हम नहीं आते। इसलिए हमने अप्लाई ही नहीं किया। आगे कोशिश जरूर रहेगी।