
CG News: राज्य में बंद और बीमार उद्योगों को फिर से उत्पादन की पटरी पर लाने के लिए सरकार ने कदम उठाया है। 5 लाख रुपए या उससे अधिक निवेश वाली इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने का फैसला किया गया है। इसके लिए "छत्तीसगढ़ बंद एवं बीमार उद्योगों हेतु विशेष प्रोत्साहन नियम, 2024" की अधिसूचना जारी कर दी गई है। नए नियमों के तहत पुनर्वास प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला और राज्य स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी।
खास बात यह है कि पुन: संचालन करने वाली इकाइयों में अकुशल, कुशल और प्रबंधकीय स्तर तक छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। सरकार का दावा है कि इस पहल से न केवल बंद उद्योगों को नया जीवन मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन बढ़ेगा और प्रदेश में औद्योगिक निवेश को भी मजबूती मिलेगी। इस संबंध में उद्योग विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। नियमों में यह भी शामिल है कि गलत जानकारी पाए जाने पर 12.5 प्रतिशत ब्याज सहित अनुदान राशि 30 दिनों में वापस करनी होगी।
क्या है विशेष प्रोत्साहन पैकेज
नए नियमों के तहत ऐसी औद्योगिक इकाइयां, जिनमें प्लांट एवं मशीनरी में कम से कम 5 लाख रुपए का निवेश है और जो बंद या बीमार हो चुकी हैं, वे पुनर्वास पैकेज के लिए आवेदन कर सकेंगी। पुन: संचालन योग्य इकाइयों को वित्तीय राहत, देनदारियों के पुनर्गठन और अन्य प्रोत्साहनों का लाभ दिया जाएगा।
दो स्तर पर होगी जांच
जिला स्तरीय समिति सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के मामलों की जांच करेगी, वहीं राज्य स्तरीय समिति- मध्यम एवं बड़े उद्योगों के मामलों पर निर्णय लेगी। दोनों समितियां यह तय करेंगी कि इकाई वास्तव में बीमार/बंद है या नहीं और उसका पुनर्वास संभव है या नहीं।
उद्योगों के लिए यह शर्त
-- पैकेज प्राप्ति के बाद 5 वर्षों तक ऑडिटेड बैलेंस शीट जमा करनी होगी
--5 वर्ष तक लाभांश घोषित नहीं किया जा सकेगा
-- प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन अनिवार्य
अकुशल श्रमिक - 100 प्रतिशत
कुशल श्रमिक - 70 प्रतिशत
प्रबंधकीय वर्ग - 40 प्रतिशत
Published on:
26 Feb 2026 10:30 pm
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