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अक्षय तृतीया के दिन इस लड्डू का करें दान, मिलेगा विशेष लाभ

अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी माता मन्त्र का जाप और आराधना करने से परिवार में सुख शांति आती है।

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रायपुर . बैशाख माह की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इस दिन किए जाने वाले सभी शुभ कार्यों का अच्छा फल मिलता है। इस दिन लक्ष्मी पूजा करने से जीवन में स्थायित्व आता है। अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी माता मन्त्र का जाप और आराधना करने से परिवार में सुख शांति आती है। अक्षय तृतीया के बाद ही शादियों का मुहूर्त शुरू होता है।

अक्षय तृतीया बैशाख माह की तीसरी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन किए जाने वाले सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों का फल अक्षय अर्थात अच्छा ही होता है। इसलिए इस तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है।

यदि अक्षय तृतीया बुधवार या शुक्रवार को हो तो और भी फलदायी होती है। माना जाता है की इस दिन दान करने से पुण्य मिलता है। लोग इस दिन तिल के लड्डू विशेष रूप से दान करते है।

अक्षय तृतीया के दिन सर्वसिद्ध मुहूर्त होता है, जिसका एक विशेष महत्व है। हिन्दुओं में बिना पंचांग देखें किसी भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते है। नए सामान की खरीदी या नए व्यापर की शुरुआत जैसे कार्य नहीं किये जाते । लेकिन अक्षय तृतीया के दिन लोग शुभ एवं मांगलिक कार्यों की शुरुआत कर सकते है। पुराणों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन पितरों को किया गया तर्पण अक्षय फल देता है। इस दिन गंगा स्नान करने था भगवत पूजन करने से मनुष्यों के सारे पाप नष्ट हो जाते है।

ज्योतिष महत्त्व भी
[typography_font:14pt;" >ज्योतिष के अनुसार सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही महत्वपूर्ण गृह है। जहां चन्द्रमा मन का स्वामी तो वहीँ सूर्य नक्षत्र मंडल का स्वामी एवं केंद्र है। अक्षय तृतीया के दिन ये दोनों ही गृह अपनी उच्च राशि में होते है। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त होता है।