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रेलवे स्टेशन का बंटवारा, सरगुजा को मिलेगा अंबिकापुर

सूरजपुर चार गांव देगा सरगुजा को तो सरगुजा का एक गांव सूरजपुर में होगा शामिल, राजस्व विभाग ने शुरू की सीमाओं में बदलाव की कवायद

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मिथिलेश मिश्र/ रायपुर . छत्तीसगढ़ के नक्शे में आंतरिक बदलाव होने जा रहा है। इस बार दो जिलों के पांच गांवों की अदला-बदली का प्रस्ताव है। इस बदलाव से करीब सात वर्षों के बाद अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन, कृषि महाविद्यालय और केंद्रीय विद्यालय फिर से सरगुजा जिले की सीमा में आ जाएंगे। प्रदेश का राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग इस बदलाव को अमली जामा पहनाने मेंं लगा हुआ है।

प्रस्ताव के तहत सरगुजा के जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से सटे अजीरिमा ग्राम पंचायत और उसके आश्रित गांव भगवानपुर खुर्द, विशुनपुर और ठाकुरपुर को सरगुजा की सीमा में शामिल किया जाएगा। अम्बिकापुर से केवल चार किमी की दूरी पर बसे ये गांव सूरजपुर जिले में पड़ते हैं। अम्बिकापुर का रेलवे स्टेशन भी इन्हीं गांवों में आता है। वहीं सरगुजा की लखनपुर तहसील का ग्राम गैतरा सूरजपुर जिले को सौंप दिया जाएगा। गांवों की अदला-बदली की योजना को राजपत्र में भी प्रकाशित कर दिया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस प्रस्ताव पर 60 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति मंगाई है। उसके बाद दोनों जिलों के नक्शों में बदलाव कर पांचों गांवों से जुड़े दस्तावेजों की अदला-बदली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मुश्किलें पैदा कर रही थीं सीमाएं
दरअसल, वर्ष 2011 में जिलों के पुनर्गठन के समय जब सरगुजा से अलग कर सूरजपुर को जिला बनाया गया था, तब उसकी सीमा अम्बिकापुर के पड़ोस से खींची गई थी। उस समय इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया कि अम्बिकापुर जिला मुख्यालय उत्तरी सीमा पर पड़ रहा है। इससे लगे हुए गांव सूरजपुर जिले में होंगे। उनका जिला मुख्यालय आना-जाना अम्बिकापुर के मुकाबले कठिनतर होगा। अजीरिमा पंचायत से अम्बिकापुर की दूरी केवल 4 किमी थी, जबकि उनका जिला मुख्यालय सूरजपुर 40 किमी दूर। ऐसी ही स्थिति गैतरा की भी थी। गांव तीन तरफ से सूरजपुर से घिरा था और अम्बिकापुर से था भी बहुत दूर।

बंटवारे के साथ ही उठने लगी थी मांग
जिलों के एेसे बंटवारे के साथ ही इसकी मांग उठने लगी थी। लोगों का कहना था कि सीमाओं की वजह से रेलवे स्टेशन, केंद्रीय विद्यालय और कृषि महाविद्यालय सूरजपुर में पड़ रहे थे। कोई वारदात होने पर भी वहां से 20 किमी दूर के थाने जयनगर को वहां की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती थी।

असुविधा को देखते हुए अदला-बदली
लोगों की असुविधा को देखते हुए गांवों की अदला-बदली की जा रही है। अम्बिकापुर से नजदीक का गांव सरगुजा में और एक सूरजपुर के भीतर धंसा सरगुजा का गांव सूरजपुर में शामिल किया जाएगा। जल्दी ही उसकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- एन.के. खाखा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव, छत्तीसगढ़

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