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एक SCHOOL ऐसा भी जहां मिलती है दूसरे स्कूल की Marksheet

सकालो स्थित न्यू डीपीएस स्कूल को 9वीं-10वीं की मान्यता नहीं फिर भी लेते आए हैं एडमिशन, वर्षभर वहीं पढ़ते हैं विद्यार्थी, पास होने के बाद दूसरे स्कूल की थमाई जाती है मार्कशीट

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Pranayraj rana

Apr 10, 2016

DPS student

DPS student

अंबिकापुर.
अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर स्थित एक स्कूल 9वीं व 10वीं कक्षाओं की मान्यता लिए बगैर ही पिछले कई वर्षों से छात्र-छात्राओं का एडमिशन अपने स्कूल में ले रहा है। वर्षभर इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाया भी जाता है और परीक्षा भी ली जाती है।


लेकिन जब मार्कशीट देने की बारी आती है तो ये शहर में ही संचालित एक अन्य स्कूल की मार्कशीट विद्यार्थियों के हाथों में थमा देते हैं। इससे विद्यार्थी व उनके अभिभावक भी अपने आपको ठगा सा महसूस करते हैं। इस मामले की शिकायत एक व्यक्ति द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव से कर कार्रवाई की मांग की गई है।


नगर से लगे ग्राम सकालो स्थित न्यू डीपीएस स्कूल में पिछले कई वर्षों से शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। इस स्कूल को पिछले कई वर्षों से सीबीएसई द्वारा 9वीं व 10वीं कक्षाओं के संचालन के लिए मान्यता नहीं दी गई थी। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा उक्त कक्षाओं में छात्र-छात्राओं का एडमिशन लिया जा रहा है, वर्षभर पढ़ाया जा रहा है, परीक्षा भी अपने स्कूल में ही ली जा रही है।


लेकिन परीक्षा पास करने के बाद जब छात्र-छात्राएं मार्कशीट लेने स्कूल जाते हैं तो उन्हें शहर में ही संचालित एक अन्य स्कूल की मार्कशीट थमा दी जाती है। ऐसे में विद्यार्थियों की ये समझ में नहीं आता कि वे पढ़ तो इस स्कूल में रहे हैं, लेकिन मार्कशीट दूसरे स्कूल की उन्हें क्यों दी जाती है। अभिभावक भी अपने आप को अब तक ठगा सा महसूस करते आ रहे हैं।


लेकिन किसी ने इस स्कूल के खिलाफ बोलने की जहमत नहीं उठाई। मामले की शिकायत प्रतापपुर निवासी राकेश मित्तल ने स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव एसएस संधु से की है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


ये लिखा शिकायत-पत्र में

राकेश मित्तल ने संयुक्त सचिव को भेजे गए शिकायत पत्र में लिखा है कि सकालो स्थित न्यू डीपीएस स्कूल द्वारा शहर में ही संचालित एक अन्य स्कूल से साठगांठ कर पिछले कई वर्षों से बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस स्कूल को 9वीं व 10वीं कक्षा संचालित करने की मान्यता नहीं मिली है, लेकिन इनके द्वारा दर्जनों छात्र-छात्राओं का एडमिशन लिया जाता है। वर्षभर की फीस लेकर कक्षाएं भी लगाई जाती हैं। अंत में परीक्षा लेने के बाद छात्र-छात्राओं को उक्त स्कूल की मार्कशीट थमाई जाती है, जिससे उसकी सेटिंग है।


अब तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

9वीं व 10वीं कक्षाओं के लिए सीबीएसई से मान्यता नहीं मिलने के बावजूद पिछले कई वर्षों से इस स्कूल द्वारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पड़ी। या यूं कहें कि जान-बूझकर ऐसा करने उन्हें खुली छूट दे दी गई है। इसका फायदा उठाते हुए यह स्कूल मनमानी करने पर उतारू है। वहीं सबकुछ जानते हुए भी अधिकारी अपनी आंख मूंदे हुए हैं।


मिल गई है मान्यता

इन कक्षाओं में एडमिशन लेने के लिए इस वर्ष हमें मान्यता मिल गई है। कुछ वर्ष पूर्व मान्यता के लिए सीबीएसई को आवेदन किया गया था, लेकिन कुछ दस्तावेज की कमी रह जाने के कारण मान्यता नहीं मिल पाई थी। इस दौरान हमने अपने यहां इन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं का एडमिशन लेकर उनकी पढ़ाई पूरी कराई। बच्चों का भविष्य बर्बाद न हो इसलिए ऐसा कर सकते हैं। सीबीएसई भी ऐसा करने की अनुमति दे सकता है।

प्रदीप कुमार राय,
प्राचार्य, न्यू डीपीएस

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