
CG Achievement: ऐसा कलाकार जिसने 400 नक्सलियों को सिखाई काष्ठ कला, बनाया हुनरमंद ,जानें पद्मश्री अजय कुमार मंडावी के बारे में
Chhattisgarh Achivement : रायपुर .पत्रिका अचीवमेंट स्पेशल सीरीज है। जिसमें हम बताएंगे छत्तीसगढ़ की उन हस्तियों के बारे में जिन्होंने बेहद कम संसाधनों में रह कर जीवन में सफलता हासिल की। जिन्होंने जीवन में आई मुश्किलों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। इसी कड़ी में आज हम जानेंगे काष्ठ शिल्प कला को अलग पहचान देने वाले पद्मश्री अजय कुमार मंडावी उपलब्धियों के बारे में
Chhattisgarh Achivement : हालात ऐसे हैं कि एक गाय चराने वाले को नक्सली में तब्दील कर दिया जाता है जो दर्जनभर जवानों पर भारी पड़ता है। गोली चलाने और सोचने की शक्ति पूरी तरह से बदल जाती है। ताज्जूब हो जाता था कि एक युवा कुछ भी करने को कैसे तैयार हो जाता है।
Chhattisgarh Achivement : 25 जनवरी 2023 को पद्म सम्मानों ( Pamdam Shri Awards 2023) की घोषणा की गई। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के गोविंदपुर गांव में रहने वाले अजय मंडावी को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था।
Chhattisgarh Achivement : जब मैंने जेल में ऐसे कैदियों को प्रशिक्षण(Wood Artist Ajay Mandavi) देना शुरू किया तब मुझे पता ही नहीं चला कि वो कब नक्सली से आर्टिस्ट बन गए। जिनमें कई खूंखार नक्सली भी थे। यह कहना है नक्सल बंदियों का जीवन संवारने वाले काष्ठ शिल्प कलाकार अजय मंडावी (Padmashree Ajay Mandavi ) का। कांकेर के गोविंदपुरा गांव के रहने वाले अजय को हाल ही में पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। सोमवार को वे रायपुर में थे। हमने उनकी जर्नी पर बातचीत की।
कला के खातिर घर बेचा, लोन लिया
Chhattisgarh Achivement : 2007 में विश्व रेकॉर्ड बनाने के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा था। तभी जून 2010 में जिले के तात्कालीन कलेक्टर निर्मल खाका ने कैदियों को काष्ठ शिल्प का प्रशिक्षण देने के लिए कहा। मुझसे सिर्फ इतना कहा था कि 100 में से एक भी कैदी बंदूक छोड़ दिया तो समझना कि हमने काम कर दिया। मैंने 400 कैदियों को ट्रेनिंग दी है, सभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
Chhattisgarh Achivement : इनमें से कुछ के रेकॉर्ड बहुत ज्यादा खराब थे, लेकिन जेल से छूटने के बाद बंदूकों की भाषा बोलने वाले युवा (Artist Ajay Mandavi)आज अपनी कला से कमाई कर रहे हैं। साथ ही दूसरों को भी रोजगार देकर उनका जीवन संवारा रहे हैं। एक समय ऐसा भी आया जब मैंने अपना घर बेच दिया। आर्ट के लिए 1 लाख 80 हजार का लोन भी लिया। फिलहाल कैदियों को प्रशिक्षण देने से मुझे सुकून मिलता है।
Updated on:
13 Jun 2023 06:12 pm
Published on:
13 Jun 2023 06:09 pm
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