
Dr. APJ Abdul Kalam: जानें मिसाइल मैन बनने के अनसुने किस्से
रायपुर. आज देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तीसरी पुण्यतिथि है। पूरा देश अपने चहेते कलाम चाचा को भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा है।वह अपने काम और विचारों से हमेशा ही सबको प्रेरणा देते रहे हैं। राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का छत्तीसगढ़ राज्य से क्या था रिश्ता क्यों उनको इस धरती से प्यार था।
छत्तीसगढ़ के भौगोलिक पन्नों पर पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का नाम न आए एेसा हो ही नहीं सकता। यहां की मिट्टी से उन्हें प्रेम था। प्रदेश के विकास में उनका बड़ा योगदान है। डॉ. कलाम ने न केवल छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में पहचान दिलाई। उनके लगातार छत्तीसगढ़ प्रवास ने यहां के युवाओं को एक नई दिशा दी।
बस्तर दौरा, पुरखौती मुक्तांगन का शिलान्यास
[typography_font:14pt]3. 07 नवंबर 2006 में पुरखौती मुक्तांगन का लोकार्पण, राज्योत्सव में शिरकत किए, बेमेतरा रतनजोत रोपण कार्यक्रम शामिल हुए।
[typography_font:14pt]4. 22 नवंबर 2010 को मेडिकल कॉलेज में सिकल सेल पर आयोजित नेशनल सेमिनार, डीपीएस और नि:शक्त बच्चों की संस्था आकांक्षा में बच्चों से मुलाकात की।
[typography_font:14pt;" >5. 12 सितंबर 2013 को अंतिम बार पं. रविवि के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए, दूसरे दिन 13 सितंबर को बेमेतरा में
एपीजे अब्दुल कलम से जुड़ी ये खास बातें:
1 - कलाम ‘Aerospace Technology’ में आने के पीछे अपनी पांचवी क्लास के टीचर सुब्रह्मण्यम अय्यर को बताते हैं। एक बार उन्होंने क्लास में पूछा कि चिड़िया कैसे उड़ती है? फिर इसके बाद टीचर ने उनको चिड़ियों की बनावट समझाई और इसे के बाद से उनकी रूचि एयरोस्पेस की तरफ बढ़ने लगी।
2 - 1962 में कलाम इसरो में पहुंचे। इन्हीं के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV-3 बनाया।
3 - उन्होंने भारत की अहम् मिसाइल अग्नि और पृथ्वी जैसी स्वदेशी टेक्निक से बनाया ।
4 - 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे। कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहें ।
5 - पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए और भारत परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया। कलाम ने विजन 2020 दिया। इसके तहत कलाम ने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की के जरिए 2020 तक अत्याधुनिक करने की खास सोच दी गई।
Updated on:
27 Jul 2018 01:25 pm
Published on:
27 Jul 2018 01:23 pm
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