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अर्पण का साथ मिला तो रोहिणी बनी सातपारा की पहचान, 300 से अधिक महिलाओं को सिलाई सिखाई…

Sunday Guest Editor: रायपुर में लोगों की मदद करना और उस लायक बनना कि लोग आपको याद रखें। यह हर इंसान के लिए बड़ी उपलब्धि होती है।

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अर्पण का साथ मिला तो रोहिणी बनी सातपारा की पहचान(photo-patrika)

अर्पण का साथ मिला तो रोहिणी बनी सातपारा की पहचान(photo-patrika)

Sunday Guest Editor: सरिता दुबे. छत्तीसगढ़ के रायपुर में लोगों की मदद करना और उस लायक बनना कि लोग आपको याद रखें। यह हर इंसान के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। कुछ ऐसा ही किया है रायपुर जिले के अभनपुर ब्लॉक के सातपारा गांव की रहने वाली 34 वर्षीय रोहिणी ध्रुव ने जो खुद तो पढ़ीं साथ ही गांव की कई लड़कियों को पढ़ने और काम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

अभनपुर की 90 पंचायतों में रोहिणी के काम से उसे पहचाना जाता है। बीते 10 साल से वो अर्पण महिला सेवा समिति के जरिए गांव के लोगों की मदद कर रही हैं। इस दौरान रोहिणी ने अब तक 300 से अधिक महिलाओं को सिलाई सिखाई। अब उनमें से बहुत सी महिलाएं अपने घर पर ही घरवालों के कपड़े सिलने लगी तो वहीं कुछ महिलाओं ने सिलाई को अपनी कमाई का जरिया बनाया।

Sunday Guest Editor: लड़कियों की पढ़ाई के लिए किया काम

रोहिणी बताती हैं कि पहले भी लोगों से जुड़कर मैं उनकी मदद करती थी, लेकिन जब से अर्पण महिला सेवा समिति से जुड़ी तो मुझे काम करने की नई दिशा मिली। एक साल में हमने समिति के जरिए कॉलेज जाने वाले कई बच्चों खासकर लड़कियों की फीस भरी जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

नवोदय की परीक्षा की तैयारी

समिति गांव के बेहद गरीब बच्चों के लिए नवोदय स्कूल में एडमिशन के लिए परीक्षा की तैयारी कराती है। रोहिणी कहती हैं कि बच्चों की पढ़ाई न रुके इसके लिए 10 साल से समिति काम कर रही है। इतने लंबे समय काम करने के कारण ही आज मैनपुर, देवभोग, पाटन, गरियाबंद, गुरुर और धमतरी के कई बच्चे पढ़ाई के लिए हमसे संपर्क करते हैं। हमारा सेवा करने का सिलसिला बढ़ रहा है।

रोहिणी ध्रुव


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