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18 लाख 30 हजार के गांजा, सिरप, इंजेक्शन व नशीली गोलियों की फरार सप्लायर गिरफ्तार

मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रावतपुरा कॉलोनी स्थित अपने घर में है, तो दबिश देकर उसे पकड़ा। आरोपी के कब्जे से मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है।

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रायपुर. राजधानी रायपुर में गांजा, सिरप, इंजेक्शन और नशीली गोलियों की सप्लाई करवाकर उसे बिकवाने वाली निगरानी बदमाश मोनिका सचदेव को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सिविल लाइन थाने में अपराध पंजीबद्ध होने के बाद आरोपी फरार थी। मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रावतपुरा कॉलोनी स्थित अपने घर में है, तो दबिश देकर उसे पकड़ा। आरोपी के कब्जे से मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है।

नशे के कारोबार में लंबे समय से एक्टिव
सिविल लाइन थाना प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि हत्थे चढ़ी निगरानी बदमाश पैडलर है। लंबे समय से वो नशे के कारोबार में सक्रिय है। सिविल लाइन पुलिस ने एनडीपीएस में बड़ी कार्रवाई करके पूर्व में 9 आरोपियों को पकड़ा था। इन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान मोनिका सचदेव के कहने पर सामान भेजने और उसे शहर में बेचने की बात बताई थी।

इस तरह बनाया था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार मोनिका ने अपने कारोबार को अंजाम देने के लिए रायपुर के बाहर लोगों से संपर्क किया। नशीली सामग्री आसानी से रायपुर आ सके और उसकी बिक्री की जा सके, इसलिए उसने ओडिशा, सरायपाली, कोलकाता, बिहार, पश्चिम बंगाल के सप्लायरों से संपर्क किया। वहां से सामग्री मंगवाकर शहर में नशीली सामग्री बेचने वाले आरोपियों को मुहैय्या करवाती थी।

इन आरोपियों से निकला संपर्क
पुलिस के अनुसार आरोपी मोनिका का एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार हो चुके तौकिर अहमद, शेख महबूब, रविनारायण दीप, तापस कुमार, समीर कुमार, नीलेश शर्मा, अर्णब मजूमदार, कमलेश उर्फ अमर यादव और सागर कुमार मोदी से संपर्क निकला है।

इस मामले में फरार
मार्च 2022 में रायपुर पुलिस ने नशीली गोलियां, इंजेक्शन और सिरप बेचने वाले बड़े गिरोह का खुलासा किया था। इस गिरोह के लोगों का चार राज्यों में संपर्क निकला था और सभी मेडिकल स्टोर की आड़ में कारोबार को अंजाम दे रहे थे। इन आरोपियों से 18 लाख 30 हजार से ज्यादा का सामान जब्त किया गया था। इस गिरोह में रायपुर के आरोपियों का नाम भी सामने आया था। इन आरोपियों को पुलिस फरार बता रही थी।