
शिल्पी का आसाराम से है सालों पुराना संबंध, आश्रम तक लड़कियां पहुंचाकर करती थी सेवा
रायपुर . रेप केस मामले में आरोपी आसाराम को स्पेशल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने आसाराम के अलावा दो सेवादारों को भी दोषी ठहराते हुए हॉस्टल वॉर्डन शिल्पी और हॉस्टल डायरेक्टर शरत को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। बतादें कि आसाराम की काफी करीबी शिष्या हॉस्टल वॉर्डन शिल्पी का छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सीधा संबंध है।
पोस्ट गे्रजुएशन करने के बाद उसने अहमदाबाद में वर्ष 2005 में आसाराम से दीक्षा ले ली। इसके बाद उसका नाम संचिता गुप्ता से शिल्पी हो गया। और वह आश्रम में ही रहने लगी थी। बाद में आसाराम के छिंदवाड़ा आश्रम के गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन बनी। उसी आश्रम के एक नाबालिग को उसने आसाराम के पास भेजा था, जिससे उसने अनाचार किया था। इस तरह कई लड़कियों और महिलाओं को आसाराम के पास भेजती थी।
शादी करने से मना कर दिया
आसाराम से दीक्षा लेने के बाद उसने 2011 में शादी नहीं करने का निर्णय लिया। उसने अपने परिजनों को कह दिया कि वह जीवनभर शादी नहीं करेगी। और आश्रम में ही रहेगी। वर्ष 2012 में वह आसाराम की काफी करीबी हो गई। इस दौरान आसाराम ने उसे शिल्पी नाम दिया था। और उसे अपने निजी कार्यों की देखरेख की भी जिम्मेदारी दी। वह कई गल्र्स हॉस्टलों को देखरेख करती थी।
तंत्रमंत्र से बीमारी दूर करने का देती थी झांसा
शिल्पी का मुख्य कार्य नाबालिग लड़कियों को आसाराम द्वारा तंत्रमंत्र के जरिए हर बीमारी को दूर करने का झांसा देना था। वह हॉस्टलों में रहने वाली लड़कियों कोबीमारी दूर करने व दिव्य साधना के नाम पर आसाराम के कमरों में भेजती थी। वार्डन होने के नाते छात्रावासों में रहने वाली लड़कियां उसके संपर्क में रहती थी।
आश्रम में रहने के लिए करती थी प्रेरित
शिल्पी नाबालिगों और महिलाओं को आसाराम के अलग-अलग शहरों में बने आश्रमों में रहने के लिए प्रेरित करती थी। साथ ही उन्हें आसाराम से उपचार कराने के लिए दबाव डालती थी। वह आसाराम को हर बीमारी का उपचार करने वाला बताती थी। इस कारण आसाराम की वह काफी करीबी मानी जाती थी। आसाराम के फंसने के बाद से वह फरार थी। बाद में जमानत खारिज होने के बाद उसने समपर्ण कर दिया था।
Published on:
25 Apr 2018 08:38 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
