
Unique Village of Chhattisgarh: रायगढ़. धरमजयगढ़ ब्लॉक के लंगराखार के पहाड़ों में ऐसा गांव हैं जहां रहने वाले लोगों का कद औसतन चार फीट का है। आलम ये है कि गांव में बने घर के दरवाजे की ऊंचाई भी पांच फीट से कम है। पहाड़ों से घिरे इस गांव में बुनियादी सुविधाएं हैं ही नहीं। ऐसे में छोटे कद के लोगों के सामने चुनौतियां काफी बड़ी हैं। जिले के अंतिम छोर पर बसे पारेमेर पंचायत का अश्रित ग्राम लंगराखार मझंवार जनजाति के लोगों का है। । CGNews| Chhattisgarh news| Raigarh news
पानी लेने उतरते हैं पहाड़ से
पारेमेर पंचायत तक तो पक्की सड़क है, लेकिन लंगराखार पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं है। लंगराखार के एक मोहल्ले से दूसरा मोहल्ले जाने के लिए पहाड़ पार करना पड़ता है। पहाड़ों पर बसे मोहल्लों में पानी नहीं है। ग्रामीण पहाड़ से नीचे उतरकर पानी ले जाते हैं। वहीं बारिश के दिनों में छप्पर से बहने वाले पानी को जमा करते हैं।
आनुवांशिक बताते हैं कारण
जिला चिकित्सालय के डॉ. प्रकाश चेतवानी का कहना है कि यह आनुवांशिक है। माता-पिता की हाइट के अनुसार संतान की हाइट होती है। इसके उदाहरण नेपाल में भी देखे जा सकते हैं।
कद को लेकर उपेक्षा पर बोले
ग्रामीणों से ही जब उनके कद को लेकर चर्चा की गई तो उनका कहना था कि कोई परेशानी अब तक तो नहीं हुई है। यहां से बाहर जाना कभी कभार ही होता है, ऐसे में लोग उन्हें देखते जरूर है पर कोई टिप्पणी नहीं करते।
तीसरी कक्षा से ज्यादा नहीं पढ़े
लंगरा खार में नाम के लिए आंगनबाड़ी है लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोज नहीं आती। प्राथमिक स्कूल पारेमेर पंचायत में है, जहां पहुंचने ग्रामीणों को नाला पार करना पड़ता है। इसकी वजह से बच्चे स्कूल नहीं जाते। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी अधिकतम शिक्षा तीसरी कक्षा तक ही हुई है। । CGNews| Chhattisgarh news| Raigarh news
बुनियादी सुविधा का विस्तार करने कार्ययोजना तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गांव में शिविर लगाया जाएगा।अविनाश मिश्रा, सीईओ, जिला पंचायत
Published on:
28 Jan 2023 01:42 pm

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