
माना के पास बांस नर्सरी से पौधे निकालता कर्मचारी।
ताबीर हुसैन @ रायपुर। बीते कुछ सालों से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बांस की खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके पीछे उनकी मंशा है कि बांस से लाइफ स्टाइल से जुड़ी कई चीजों का विकल्प तैयार किया जा सकता है। जिससे पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा। इसी सोच से इत्तेफाक रखते हुए शहर की डॉ.आरती साठे कुलकर्णी बांस की खेती के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही हैं। यह उनका एग्रीकल्चर स्टार्टअप है जिसमें उनके पति भी सपोर्ट कर रहे हैं। वे बताती हैं, बांस की व्यवसायिक खेती से पर्यावरण संरक्षण तो होता ही है जल स्तर बढ़ता है। साथ ही मिट्टी के कटाव को रोक सकते हैं।
दूसरे राज्यों तक फैला काम
आरती का काम छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी शुरू हो चुका है। रायपुर के पास उनकी नर्सरी है। नर्सरी से पौधे किसानों के खेतों तक पहुंचते हैं। वे खेत पर ही किसानों को ट्रेनिंग दे रही हैं। अब तक यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में बांस के पौधे सप्लाई किए जा चुके हैं।
फार्टिलाइजर की जरूरत नहीं
आरती के मुताबिक, जिनके पास खाली जमीन हैं, वे किसान चार से 40 साल तक हर महीने लाखों की कमाई कर सकते हैं। खास बात ये कि इसमें फर्टिलाइजर की भी जरूरत नहीं पड़ती। हम टिशू कल्चर पर काम नहीं कर रहे, पौधे से ही पौधे तैयार करते हैं। अगर आपको बांस की खेती संबंधी जानकारी लेनी है तो आरती से 9981881201 नंबर पर कॉन्टेक्ट कर सकते हैं।
Published on:
14 Aug 2022 09:50 pm
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