
सुरेंद्र बैरागी ने बर्तन बैंक खोलकर नो सिंगल यूज प्लास्टिक मुहिम से जुडऩे का आह्वान किया।
ताबीर हुसैन @रायपुर। बैंक अब महज रूपयों-पैसों तक सीमित नहीं रह गया। कुछ इनोवेटिव लोगों ने इस कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया है। अब तक कपड़ा बैंक या रोटी बैंक तो सुना ही होगा आपने, आज जानिए बर्तन बैंक के बारे में। यह अपनी तरह का ऐसा बैंक है जिससे न सिर्फ आप बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होगा। नो प्लास्टि अभियान को प्रमोट कर रहे सुरेंद्र बैरागी ने यह इनिशिएटिव लिया है। वे स्मार्ट सिटी रायपुर के नो प्लास्टिक अभियान के एम्बेसडर भी हैं। बैरागी ने बताया, कपड़े के थैले वाले अभियान से हमें काफी सफलता मिली। अब चूंकि छोटे-छोटे मांगलिक कार्यों में लोग थर्माकोल के बर्तन यूज करते हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है। इसमें कई चीजें प्लास्टि की होती हैं। हमने बर्तन बैंक की शुरुआत उन लोगों के लिए की है जो इसका इस्तेमाल करने के बाद नो प्लास्टिक मिशन को बढ़ावा दें।
यहां हुई शुरुआत
रमण मन्दिर शीतला मन्दिर के पास इस बैंक की शुरुआत की गई। बैरागी ने बताया कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न स्थानों पर इस बैंक को संचालित किया जाएगा इसमें हमें लोगों का सपोर्ट चाहिए क्योंकि कोई भी काम बिना जनभागीदारी के सफल नहीं होता। हम चाहते हैं कि इस बैंक का विस्तार यहां के लोग ही करें। छोटी पहल से बड़ी कामयाबी मिलती है।
बैंक में इन बर्तनों का भंडार
101 थाल, 1 01 गिलास, 101 चम्म, 4 बाल्टी, 2 लोटा, 3 जग, 3 धाम, 10 बड़े चम्मच, 4 सोफ सुपारी ट्रे
Published on:
07 Mar 2020 02:57 pm
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