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CG News: भाई छत्तीसगढ़ में सरकारी अफसर, फिर भी सौरभ को मां ने दिलवाई अनुकंपा नियुक्ति

CG News: शपथ पत्र में दो बेटों का जिक्र करते हुए किसी के पास सरकारी नौकरी नहीं होने का हवाला दिया गया था। अनुकंपा नियुक्ति की अब लोकायुक्त टीम जांच कर रही है।

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CG News: अकूत संपत्ति जुटाने वाले मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा के साथ अब उसकी मां उमा शर्मा भी कानूनी शिकंजे में आ सकती हैं। इस परिवार का मामला अब छत्तीसगढ़ से भी जुड़ गया हैै। सौरभ का बड़ा भाई सचिन शर्मा छत्तीसगढ़ में सरकारी अफसर हैं। इसके बाद भी सौरभ को अनुकंपा नौकरी दिलाने के लिए इनकी मां ने सात साल झूठा शपथ पत्र दिया था। शपथ पत्र में दो बेटों का जिक्र करते हुए किसी के पास सरकारी नौकरी नहीं होने का हवाला दिया गया था। अनुकंपा नियुक्ति की अब लोकायुक्त टीम जांच कर रही है। लोकायुक्त टीम ग्वालियर मुख्यालय से सौरभ की नियुक्ति की फाइल और शपथ पत्र को लेकर भोपाल गई है।

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पचास रुपए के स्टांप पर 12 जुलाई 2016 के इस शपथ पत्र में लिखा कि वह 47 विनय नगर सेक्टर दो में रहती हैं। पति डाॅ. आरके शर्मा पुत्र भगवान सिंह शर्मा डीआरपी लाइन में मेडिकल अफसर थे। 20 नवंबर 2015 को डयूटी के दौरान उनका निधन हो गया। उनके दो बेटे सचिन और सौरभ हैं। बडा बेटा सचिन शर्मा पत्नी व बच्चों के साथ पांच साल से रायपुर में रहता है। वहीं नौकरी करता है लेकिन सचिन शासकीय नौकरी में नहीं है। पति डा. राकेश शर्मा शासकीय सेवक थे।

परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय नौकरी या निगम मंडल परिषद आयोग आदि में नियमित नौकरी पर पदस्थ नहीं है। सचिन रायपुर में रहता है इसलिए उनकी देखभाल करने में असमर्थ है। छोटे बेटे सौरभ के साथ ग्वालियर में रहती हैं। सौरभ ही उनकी दवा, खुराक का इंतजाम करता है। इसलिए दिवंगत पति राकेश शर्मा के स्थान पर छोटे बेटे सौरभ को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। लेकिन सच्चाई ये है कि सौरभ का बड़ा भाई सचिन शर्मा तो उससे पहले से ही छत्तीसगढ़ में वित्त विभाग में अफसर है। जबकि अनुकंपा नियुक्ति का नियम है कि परिवार का एक सदस्य यदि सरकारी नौकरी में है तो किसी अन्य सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।

धोखाधड़ी में फंसेगा परिवार : सौरभ की मां उमा शर्मा के शपथ पत्र जांच चल रही है। शपथ पत्र झूठा साबित होता है तो जालसाजी के मामले में उमा शर्मा भी कानूनी शिकंजे में आएंगी।

कौन है सौरभ शर्मा

कुछ दिनों पहले भोपाल के पास मेंडोरा के जंगल में एक कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए मिलने के बाद आरटीओ के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा की काली कमाई का खुलासा हुआ था। सौरभ के घर से भी बड़ी मात्रा में चांदी और अन्य कीमती चीजें मिली थीं। तभी से सौरभ की आरटीओ में नौकरी पर सवाल उठ रहे थे। सौरभ के संबंध वरिष्ठ सरकारी अफसरों और नेताओं से भी रहे ऐसा अब तक ही जांच में सामने आया है।

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सौरभ के भाई सचिन शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि उनका सौरव शर्मा से सिर्फ जैविक संबंध है बाकी और कोई पारिवारिक संबंध नहीं है । करीब 12 साल पहले मां को लेकर घर में विवाद हुआ था इसके बाद से वह पूरी तरह से उनसे अलग हैं। सौरभ के मामले से और उनका नाम उछलने से उन्होंने मानसिक रूप से प्रताड़ित होने का जिक्र भी किया।