बरसात का मौसम आते ही दुर्ग शहर अँधेरे में डूब जाता है। जिम्मेदार बना रहे नए-नए बहाने और तर्क।
दुर्ग। नगर निगम में सालाना 23 करोड़ से ज्यादा बजट के बाद भी शहर की सड़कों पर अंधेरा पसरा है। शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाली जीई रोड और गौरव पथ कई महीनों से अंधेरे में डूबे हैं। वहीं जेल तिराहा से मालवीय नगर चौक, गौरव पथ व जीई रोड के बीच मानस भवन रोड पर निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण स्ट्रीट लाइट बंद है।
लोगों को बारिश में खतरे के बीच अधेरे सड़कों पर आवाजाही करना पड़ रहा है। शहर के भीतर सड़कों पर रोशनी की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इस व्यवस्था के लिए नगर निगम में बकायदा विद्युत यांत्रिकीय विभाग की व्यवस्था है। यहां दर्जनभर अधिकारियों के साथ आधा सैकड़ा से ज्यादा कर्मचारी तैनात हैं। विभाग के कामकाज के लिए निगम की बजट में 23 करोड़ 49 लाख खर्च का प्रावधान किया गया है।
इस तरह समझें हालात को-
जीई रोड में दो साल से अंधेरा- शहर के मध्य से होकर गुजरने वाली जीई रोड का 62 करोड़ से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। यहां 12 करोड़ से विद्युतीकरण भी प्रस्तावित है। सड़क पर काम शुरू होकर 2 साल हो गए हैं। काम की शुरूआत के साथ सेट्रलाइज स्ट्रीट लाइट के खंबे उखाड़ दिए गए थे। तब से मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है।
केबल तक उखाड़ दिया- नगर निगम द्वारा गौरव पथ का 2.7 किमी का 5.43 करोड़ चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसके लिए करीब डेढ़ महीने पहले मार्ग के फुटपाथ की खुदाई की गई। इस दौरान स्ट्रीट लाइट के खंबों के साथ केवल तक उखाड़ दिया गया। तब से मार्ग अंधेरे में डूबा हुआ है।
खुदाई में काट दिया कनेक्शन- जेल तिराहा से मालवीय नगर की ओर जाने वाली सड़क और गौरव पथ से जीई रोड को जोड़ने वाली मानस भवन मार्ग में भी कई महीनों से अंधेरा है।इन मार्गों में निर्माण कार्यों के लिए खुदाई के दौरान स्ट्रीट लाइन के कनेक्शन को डैमेज कर दिया गया है।