
रायपुर. कोरोना संक्रमण में हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने बस संचालकों को टैक्स में छूट दे दी है। इसके बाद भी बस संचालक एक-एक सीट पर तीन से चार गुना किराया वसूल रहे हैं। रायपुर से नागपुर, इदौर, झारखंड व बिहार की ओर चलने वाली टूरिस्ट परमिट वाली स्लीपर कोच की बसों में यात्रियों से आरटीओ विभाग के नाक के नीचे मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है।
इन बसों में सीनियर सिटीजन से एक लोवर स्लीपर के लिए चार सीटों का किराया वसूल किया जा रहा है। नागपुर के लिए लोवर स्लीपर 1800 रुपए वसूल किया जा रहा है। रायपुर-अंबिकापुर से रायपुर की दूरी 350 किमी है और अंबिकापुर का दुगने से भी अधिक किराया यात्रियों से वसूल किया जा रहा है। इन बसों में और इनके बुकिंग ऑफिसों के सामने छत्तीसगढ़ शासन का किराया लिस्ट भी नहीं लगाया गया है।
संक्रमण का बढ़ता खतरा
बस संचालकों द्वारा कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन न करने एवं मनमाना किराया वसूली से यात्रियों में आक्रोश है। नियमों के मुताबिक स्लीपर में एक सीट के बीच में एक खाली छोड़ना है लेकिन बस संचालक खुलेआम ऑनलाइन बुकिंग बिना कोविड गाइडलाइन के पालन किए ही कर रहे हैं।
कोविड-19 के गाइडलाइन के साथ बीते माह से बसों के संचालन का आदेश सरकार द्वारा जारी किया गया था। बस संचालकों ने कम यात्रियों को ही बसों में यात्रा कराने के नाम पर किराया बढ़ाकर डेढ़ गुना से भी अधिक कर दिया, लेकिन यात्रियों की संख्या, मास्क व शारीरिक दूरी का पालन कराना भूल गए। जिससे संक्रमण की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
मनमाना बढोतरी
कोरोना महामारी में डीजल के दामों में इतनी भी बढ़ोतरी नहीं हुई है कि यात्री किराया भाड़ा में दोगुनी बढ़ोतरी की जाए। इसके बावजूद मनमाना किराया वसूल कर आमजन की जेब पर डाका डाला जा रहा है। वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के बस मालिकों द्वारा ट्रेनों के न चलने का फायदा उठाते हुए लूट मचाई जा रही है, बस मालिकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर जेब पर डाका डाला जा रहा है।
महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा भी नाकाफी
बसों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित हैं। इसके उलट बसों में भीड़ के वक्त ऐसा नहीं लगता न ही महिलाओं को सीट दिए जाने को लेकर कंडक्टर या स्टाफ गंभीर होते हैं, जिसके कारण महिलाओं को दिक्कत झेलनी पड़ती है। नियमों के अनुसार उन्हें सुविधा, सहूलियत नहीं मिल रही, जिसका बेजा इस्तेमाल संचालक करते हैं। इसके एवज में अधिक रुपए वसूले जाते हैं।
रायपुर आरटीओ शैलाभ साहू ने कहा, मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह है किराया
स्थान- पूर्व का किराया- रोज बढ़ता किराया
अंबिकापुर - 450 किराया - 900 रुपए
बैकुठपुर - 450 किराया - 550 रुपए
नागपुर - 500 किराया- 1800 रुपए
इंदौर - 600 किराया- 2000 रुपए
रांची - 600 किराया- 1600 रुपए
Published on:
25 Nov 2020 01:26 pm
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