
हॉस्पिटल के गार्डन में आराम कर रहा था कैंसर का पेशेंट, इलाज से पहले ही डॉक्टर ने चढ़ा दी कार
रायपुर . राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय पर शासन हर साल करोड़ों रुपए खर्च करता है। इसके बावजूद मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। अस्पताल की अव्यवस्था को उजागर करती एक शर्मनाक घटना सामने आई है। जांजगीर-चांपा से आए एक कैंसर मरीज को उपचार के लिए अस्पताल में जगह नहीं मिली। परेशान होकर रात में मरीज बॉयज हॉस्टल के सामने स्थित गार्डन में सो गया था। इस दौरान उसे सोते में ही एक सफेद रंग की कार ने कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले को लेकर पुलिस पर अस्पताल प्रबंधन का भारी दबाव था। इसके चलते करीब एक माह बाद अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि कार किसी डॉक्टर या वहां काम करने वाले किसी कर्मचारी की है।
पुलिस के मुताबिक जांजगीर-चांपा निवासी रामतिहोर(४९) कैंसर से पीडि़त था। वह 30 अप्रैल को अपना उपचार कराने अंबेडकर अस्पताल पहुंचा था। दिनभर अस्पताल में उपचार कराया। लेकिन उसे वार्ड या वहां ठहरने के लिए जगह नहीं मिल पाई। रात में रूकने के लिए कोई इंतजाम नहीं हुआ। इससे परेशान होकर वह अस्पताल के पास स्थित बॉयज हॉस्टल के सामने बने गार्डन में चला गया। रात करीब 8.30 बजे वह गार्डन में सो रहा था। उसी दौरान एक सफेद रंग की कार तेज रफ्तार से पहुंची और उसे रौंदते हुए निकल गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल परिसर का मामला होने के कारण इसे दबा दिया। आशंका जताई जा रही है कि कार कोई डॉक्टर चला रहा था। घटना के करीब एक माह बाद मौदहापारा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 304 ए के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। और कार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
मौदहापारा थाना रायपुर के प्रभारी उत्तम साहू ने बताया कि मृतक कैंसर का उपचार कराने पहुंचा था। वह गार्डन में सो रहा था। इस दौरान अज्ञात कार ने उसे टक्कर मार दिया। इससे उसकी मौत हो गई। अपराध दर्ज कर लिया गया है। कार चालक की तलाश की जा रही है।
Published on:
28 May 2018 11:59 am
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