
रायपुर की खुशबू को ब्रेन कैंसर, 24 घंटे में मिली 10 लाख की मदद
ताबीर हुसैन @ रायपुर.सोशल मीडिया की ताकत एक बार फिर देखने को मिली। कैंसर पीडि़ता की मदद के लिए महज 24 घंटे में 10 लाख रुपए जुटा लिए गए। जी हां। रायपुर की खुशबू को ब्रेन कैंसर है। उनके पति ने ऑनलाइन मदद करने वाली कंपनी इम्पेक्ट गुरू के सामने अपनी बात रखी। वैसे तो यह कंपनी जीएसटी के अलावा कुछ सर्विस टैक्स लेती है, लेकिन खुशबू की स्थिति जानकर टैक्स को उनके इलाज में खर्च करने की बात कही है। कहते हैं बीमारी अमीर-गरीब या उम्र देखकर नहीं आती। कब किसी को क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। लोग अपने स्टेटस पर उनके हसबैंड शांतनु गुप्ता के लिखे मैसेज को लगा रहे हैं जिसमें हेल्प के लिए आग्रह किया गया है। इसमें डोनेशन की पूरी डिटेल दी गई है। खर्च 40 लाख बताया गया है। ऑनलाइन लिंक के जरिए डोनेशन एकत्र किया जा रहा है। शुक्रवार शाम को लिंक जारी किया गया है जिसमें शनिवार शाम 6 बजे तक करीब 10 लाख रुपए से ज्यादा डोनेट किए जा चुके हैं। अभी तक 900 से लोगोंं ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। मदद की यह राशि बढ़ती जा रही है, क्योंकि ऑनलाइन पैसे जमा किए जा रहे हैं इसलिए हर ट्रांजेक्शन का योग इसमें शो हो रहा है। यदि आप भी हेल्प करना चाहें तो खुशबू के अकाउंट नंबर 700701707076775 पर राशि भेज सकते हैं। शांतनु का मोबाइल नं. है 9981717368 पर कॉन्टेक्ट कर सकते हैं।
मुंबई से हुई कैंसर की पुष्टि
शांतनु ने बताया कि शुरुआती तौर पर खुशबू को सिरदर्द की शिकायत थी। हमने रायपुर के कई अस्पताल में जांच कराई। जब ब्रेन में ट्यूमर का पता चला तो नागपुर में सर्जरी कराई। ट्यूमर निकालने के बाद सेंपल मुंबई भेजा गया जहां से कैंसर की पुष्टि हुई। खुशबू की शादी शांतनु गुप्ता से पिछले साल 12 दिसम्बर को हुई थी। शांतनु ने बताया कि कैंसर होने की जानकारी 22 मार्च हुई। शांतनु पेशे से म्यूजिशियन हैं। साथ ही पीएचडी स्कॉलर रहे हैं। आमानाका में ही उनका रिकॉडिंग स्टूडियो है। खुशबू का पीहर संतोषी नगर में है। उनके पापा आदित्य बिरला कंपनी में इंजीनियर हैं और मॉम हाउसवाइफ। खुशबू का ससुराल आमानाका में है। उनके ससुर वकील हैं और सासु मां हाउसवाइफ।
चेन्नई में प्रोटोन मशीन से इलाज
शांतनु ने बताया कि अभी एक और टेस्ट बाकी है जिसे आईएचसी रिपोर्ट कहते हैं। इसमें कैंसर की हिस्ट्री और इलाज के तरीके की डिटेल रहती है। अपोलो चेन्नई में प्रोटोन रेडिएशन की मशीन है जो देश में कहीं नहीं है। इस मशीन से इलाज कराने का फायदा ये है रेडिएशन आपके हेल्दी टीशूज को नुकसान नहीं पहुंचाता।
फाइनल रिपोर्ट आने को है
जब खुशबू हमारे पास आई थी तो उसे हेडेक की प्रॉब्लम थी। चेहरे पर कमजोरी थी। सेंशेसन कम था। ब्रेन ट्यूमर था हमने सेंपल पैथोलॉजी में भेज दिया था। वहां से सेंपल मुंबई भेजा गया। कैंसर होने की पुष्टि हुई है। अभी इसकी फाइनल रिपोर्ट आने को है। हमने उन्हें दो हफ्ते बाद फॉलोअप के लिए बुलाया है। इनके इलाज में खर्च कितना होगा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
डॉ. शैलेष केलकर, गेट वेल हॉस्पिटल, नागपुर
Published on:
30 Mar 2019 11:50 pm

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