बार्डर से लेकर अंदरूनी इलाकों में होगी निगरानी: सभी 16 बैरियर पर 16 करोड़ की लागत से लगाए जाएंगे ऑटोमैटिक 42 धर्मकांटा,
राज्य की सीमा पर अब बिना वजन किए मालवाहक वाहनों को एंट्री नहीं मिलेगी। परिवहन विभाग पहली बार 16 करोड़ की लागत से 42 धर्मकांटा (वे ब्रिज) की खरीदी कर रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा वर्कआर्डर जारी कर दिया गया है। इसकी आपूर्ति होने के बाद दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सभी 16 बैरियर में फिट करने के साथ ही 7 उडऩदस्तों को सौंप दिया जाएगा। इसमें करीब 7 चलित और 35 स्थायी रूप से फिट किए जाने वाले वे ब्रिज शामिल हैं। इसके जरिए बार्डर से लेकर राज्य के अंदरूनी हिस्सों में चलने वाली वाहनों के जांच होगी। बताया जाता है कि ओवर लोडिंग के चलते लगातार सड़क हादसे बढ़े के साथ ही सड़के उखड़ रही है। इन सभी पर अंकुश लगाने पिछले काफी समय से कवायद चल रही थी। ताकि वाहन चालकों को सुगम यातायात के साथ ही सुरक्षित सड़क मार्ग उपलब्ध कराया जा सकें।
इस तरह होगी शुल्क की वसूली
वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक मिलने पर वाहन चालक द्वारा जुर्माना की राशि अदा करने के बाद ही बार्डर क्रास करने की अनुमति मिलेगी। जुर्माना की राशि नहीं होने पर ऑनलाइन भुगतान और संबंधित परिवहन कार्यालय में जाकर इसे अदा किया जा सकेगा।
रोजाना 10 हजार से ज्यादा वाहनों का आवागमन
प्रदेश में करीब 5 लाख छोटी-बड़ी मालवाहक गाडिय़ां सड़कों पर दौड़ रही हैं। वहीं महाराष्ट्र, बंगाल, गुजरात, झारखंड, पंजाब, उत्तर-प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से रोजाना 10000 से ज्यादा वाहनों का आवागमन होता है। इनमें से ज्यादातर गाडिय़ां ओवरलोड रहती हैं। लेकिन, परिवहन विभाग के पास धर्मकांटा नहीं होने के कारण ज्यादातर वाहनों का वजन नहीं हो पाता था। वहीं ओवरलोडिंग वाहनों के पकड़े जाने पर उसे वजन करने कई किमी दूर निजी वे ब्रिज तक ले जाना पड़ रहा था।
धर्मकांटा की ये होगी खासियत
टोल नाके पर लगने वाले ऑटोमैटिक धर्मकांटा परिवहन विभाग ने वाहन नामक सॉफ्टवेयर से जुड़ा रहेगा। वाहन के धर्मकांटा से गुजरते ही तुरंत पता चल जाएगा कि उसमें कितनी ओवरलोडिंग की गई है। उसका वजन करने के साथ ही कम्प्यूटर से इसकी बिलिंग होगी। इसके साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि वाहन में कितने टन माल ओवरलोड है। वहीं वाहन मालिक के मोबाइल पर तुरंत जुर्माना राशि का मैसेज जाएगा। इससे एक तरह जहां ओवरलोड गाडिय़ों पर लगाम लगेगी, वहीं वाहन चालकों से टोल नाके पर तैनात कर्मचारी अतिरिक्त वसूली नहीं कर पाएंगे।
खरीदी की प्रक्रिया शुरू
ओवरलोडिंग वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए वे ब्रिज खरीदी की जा रही है। इसकी आपूर्ति होते ही सभी परिवहन विभाग के सभी बार्डर और उडऩदस्तों को दिया जाएगा।
- एस. प्रकाश, सचिव परिवहन विभाग