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NMC is monitoring: प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की गतिविधियों पर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) सीधी नजर रख रही है। प्रदेश के कुछ मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों को छोड़कर सरकारी और निजी कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं। रायपुर मेडिकल कॉलेज में पहले तीन कैमरे लगाए गए थे, अब इसकी संख्या बढ़ाकर 25 की जा रही है।
नए खुले मेडिकल कॉलेजों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिन कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं, वहां की हरेक गतिविधियां, डॉक्टरों के आने-जाने का समय, ओपीडी में मरीजों की संख्या, क्लास रूम में डॉक्टर क्या पढ़ा रहे हैं आदि पर नजर रखी जा रही है।
इन बातों पर दिया जा रहा ध्यान
जानकारी के अनुसार एनएमसी अस्पताल में कितने मरीज भर्ती हैं, उन्हें किस प्रकार से इलाज मिल रहा है, कौन-सी दवाएं दी जा रही हैं, आयुष्मान से कितने मरीज इलाजरत हैं, मरीज कब एडमिट हुए, क्या इलाज मिला, कब डिस्चार्ज हुए, किस वक्त बायोमेट्रिक से कितने डॉक्टर और हेल्थ वर्कर्स ने उपस्थिति दर्ज की आदि जानकारी ले रहा है।
ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज
एनएमसी ने कॉलेजों में डॉक्टरों की संख्या पता लगाने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगवाई है, जो एनएमसी दिल्ली से कनेक्ट है। इससे एनएमसी को किस कॉलेज में कितने स्टाफ हैं, जो रेगुलर आ रहे हैं, उसकी जानकारी मिल रही है। खासकर निजी कॉलेजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है क्योंकि निजी कॉलेजों द्वारा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार गेस्ट फैकल्टी को भी स्थाई स्टाफ बताकर संख्या बता देते हैं। इस व्यवस्था से कोई भी कॉलेज वाले गलत जानकारी नहीं दे पाएंगे।
हर दिन कितने आ रहे मरीज, इसकी भी जानकारी
एनएमसी ने सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही नहीं इससे संबद्ध अस्पतालों की ओपीडी में सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। ताकि पता लगा सके कि किस ओपीडी में हर दिन कितने मरीज आ रहे हैं। कितने डॉक्टर ओपीडी में बैठते हैं, कितने देर तक ओपीडी में इलाज करते हैं।
इस मामले में डीएमई डॉ. विष्णुदत्त ने कहा, प्रदेश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एनएमसी के निर्देश पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। रायपुर और नए कॉलेजों में कुछ जगहों पर कैमरे नहीं लगे थे वहां भी लगाए जा रहे हैं।
Published on:
20 Nov 2022 01:26 pm

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