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फोटो स्टोरीः मध्य भारत की सबसे बड़ी दादाबाड़ी का सपना अब होगा साकार

राजधानी रायपुर के हृदय स्थल एमजी रोड में मध्य भारत की सबसे बड़ी दादाबाड़ी बनाने के लिए 4 साल पहले नींव रखी गई थी। तय हुआ था कि दादाबाड़ी के साथ भव्य पंच शिखरी मंदिर का निर्माण 1008 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसी बीच कोरोनाकाल के कारण निर्माण में देरी हुई। अब जाकर संघ का इंतजार पूरा होने को है। मंदिर और दादाबाड़ी का 10 दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुवार से शुरू होने जा रहा है।

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राजधानी रायपुर के हृदय स्थल एमजी रोड में मध्य भारत की सबसे बड़ी दादाबाड़ी बनाने के लिए 4 साल पहले नींव रखी गई थी। तय हुआ था कि दादाबाड़ी के साथ भव्य पंच शिखरी मंदिर का निर्माण 1008 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसी बीच कोरोनाकाल के कारण निर्माण में देरी हुई। अब जाकर संघ का इंतजार पूरा होने को है। मंदिर और दादाबाड़ी का 10 दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुवार से शुरू होने जा रहा है।

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इसके लिए 6 एकड़ की दादाबाड़ी को भव्य तरीके से सजाया गया है। महोत्सव में शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु रायपुर पहुंचे हैं। बता दें कि दादाबाड़ी व मंदिर का निर्माण श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट ने करवाया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया ने कहा कि 100 साल से अधिक पुराना होने की वजह से इसे पहले ही तीर्थ का दर्जा था। अब भव्य निर्माण के साथ यह देशभर में समाज का बड़ा तीर्थ बनकर उभरेगा।

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दादाबाड़ी व धर्मनाथ जिनालय के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होने के लिए देशभर से 100 से अधिक साधु-साध्वियों के पहुंचने का अनुमान था। अभी 65 से अधिक साधु-साध्वियां रायपुर पहुंच गए हैं। 10 दिवसीय महोत्सव के दौरान यहां 2 दीक्षाएं भी होंगी। इनमें एक साधु और एक साध्वी की दीक्षा लेंगी।

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महोत्सव में शामिल होने के लिए खरतरगच्छाधिपति जिनमणिप्रभ सूरीश्वर भी रायपुर पहुंचे हैं। अभी उनके संयम का 50वां वर्ष चल रहा हैं। समाजजनों को आशीर्वाद देने के लिए वे सात साल बाद रायपुर आए हैं। चेन्नई से रायपुर तक पैदल विहार कर साध्वी मंजुला श्रीजी भी लंबे अंतराल के बाद रायपुर पहुंची हैं, जिनकी निश्रा में 2 मार्च को प्रज्ञा की भगवती दीक्षा संपन्न होगी।

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प्रतिष्ठा महोत्सव गुरुवार से शुरू होगा। इसकी पहली कड़ी में सुबह जल शोभायात्रा के रूप में खारून नदी तट से जल लेकर जैन समाज के श्रावक-श्राविकाएं संभवनाथ जिनालय विवेकानंद नगर पहुंचेंगे। यहां समाजजन गच्छाधिपति, आचार्य भगवंत, साधु-साध्वियां का आशीर्वाद लेंगे।

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गच्छाधिपति, आचार्य भगवंतों ने बुधवार को अपने हितोपदेश में सभी को परमात्मा को अपने ह्रदय में उतारने और प्रतिष्ठित करने की शिक्षा दी है। उन्होंने कहा, गुरु के पथ पर चलने से परमात्मा प्राप्त होते हैं, इसलिए गुरु के बताए मार्ग पर सदा चलना चाहिए। जल शोभायात्रा सुबह 8.30 बजे शुद्ध जल के साथ विवेकानंद नगर से सदरबाजार, सत्तीबाजार, तात्यापारा से फूल चौक होते हुए एमजी रोड दादाबाड़ी पहुंचेगी।