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तहसील में फर्जी सील-साइन से जारी हो रहा था प्रमाण-पत्र, कलेक्टर एफआइआर के दिए निर्देश

आदेश की एक प्रतिलिपि नगर निगम आयुक्त को भी भेजी गई है। जिला प्रशासन के इस निर्देश से तहसील कार्यालय में शुक्रवार को हड़कंप मच गया

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तहसील में फर्जी सील-साइन से जारी हो रहा था प्रमाण-पत्र, कलेक्टर एफआइआर के दिए निर्देश

रायपुर. राजधानी के नायब तहसीलदार कार्यालय में फर्जी सील-साइन से जन्म प्रमाण-पत्र जारी करने के मामले में कलक्टर बसवराजू एस. ने दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की एक प्रतिलिपि नगर निगम आयुक्त को भी भेजी गई है। जिला प्रशासन के इस निर्देश से तहसील कार्यालय में शुक्रवार को हड़कंप मच गया।

दूसरी तरफ नायब तहसीलदार द्वारा जन्म प्रमाण-पत्र में जो सील और हस्ताक्षर किया गया, उसके लिए तहसील कार्यालय के चपरासी को जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं सूत्रों की मानें तो कार्यालय में भर्राशाही का आलम है। च्वाइस सेंटरों से मूल निवास, जाति या जन्म प्रमाण पत्र के लिए जो आवेदन अपलोड कर सक्षम अधिकारी से ऑनलाइन स्वीकृति के भेजा जाता है, उस प्रक्रिया में भी कई दिनों तक लंबित करके रखा जाता है। दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद मामले का निराकरण करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती है। जबकि तहसील ऑफिस में सक्रिय लोगों का कोई भी कार्य तत्काल हो जाता है। जन्म प्रमाण पत्र के आवेदनों का फर्जी तरीके से स्वीकृतिका मामला इसी भर्राशाही का हिस्सा माना जा रहा है।

पत्रिका ने किया था खुलासा

जन्म प्रमाण पत्र बनाने की स्वीकृति देने के मामले में किस तरह फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है। इसका खुलासा 'पत्रिका' ने तीन दिन पहले कर दिया था। नायब तहसीलदार के नाम की सील और हस्ताक्षर वाले ऐसे कई आवेदन नगर निगम प्रशासन के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले कार्यालय में पहुंचे थे। उसी से इसका भंडाफोड़ हुआ।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की यह है प्रक्रिया बच्चे के जन्म के कई महीने बाद जब लोग जन्म प्रमाण बनवाते हैं तो उन्हें संबंधित तहसीलदार से स्वीकृति लेना अनिवार्य है। उसी के तहत आवेदक शपथ पत्र के तहसील कार्यालय के आवेदन फार्म को भरकर जमा करता है। जिसका परीक्षण कर संबंधित नायब तहसीलदार उन आवेदनों के आधार पर प्रमाण पत्र बनाने का आदेश जारी करते हैं। इसी प्रक्रिया में अनुज पटेल नायब तहसीलदार के कार्यालय में फर्जीवाड़ा के मामले का भंडाफोड़ हुआ है।

दर्ज कराएंगे रिपोर्ट

भृत्य को शुक्रवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं आया। बयान दर्ज नहीं कराने की स्थिति में वे जल्द ही संबंधित भृत्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे, क्योंकि कलक्टर ने दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दे दिए हैं।
अनुज पटेल, नायब तहसीलदार