कृषि मंत्री चौबे बोले - भ्रष्टाचार करने नहीं, बल्कि किसानों के लिए कर्ज ले रही सरकार

- धान खरीदी को लेकर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने भाजपा पर बोला बड़ा हमला
- कहा- प्रदेश सरकार धान खरीदी में सक्षम, नहीं आने देंगे कोई परेशानी

By: Ashish Gupta

Published: 28 Nov 2020, 02:40 PM IST

रायपुर. कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे (CG Agriculture Minister Ravindra Choubey) ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। कर्ज के मुद्दे पर कृषि मंत्री ने कहा, दोनों सरकार में अंतर है। भाजपा कर्ज लेती थी फ्लाईओवर और स्काई वॉक बनाने के लिए और जिस तरह से उनकी अधोसरंचना निर्माण में रुचि होती थी, वो सब ने देखा है। रायपुर शहर की तीनों योजना लगभग भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। हम कर्ज लेते हैं किसानों का धान खरीदने के लिए। इसके लिए जो आवश्यक राशि जुटाना होगा, वो करेंगे। सरकार किसानों के लिए और अपनों की मदद के लिए कर्ज लेती है।

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मंत्री चौब ने कहा, धान खरीदी की पूरी तैयारी है। पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक रूप में लगभग 22 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। हमने फैसला लिया है कि इस साल 90 लाख 90 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी करेंगे। बारदाने की कमी से भी निपटने की तैयारी है। हाल ही में हुई बारिश और चक्रवात के कारण धान खरीदी और किसान ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे।

भाजपा द्वारा इस्तीफे की मांग को लेकर कृषि मंत्री ने कहा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को बताना चाहिए कि उनकी धान का 2100 रुपए देने का वादा किया था। नहीं मिलने पर क्या सरकार से इस्तीफा मांगा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय दोगुना करने का वाद किया था। क्या उन्होंने उनसे इस्तीफा मांगा।

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भाजपा का कृषि मंत्री के बयान पर पलटवार
भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कृषि मंत्री के बयान पर पलटवार किया है। श्रीवास्तव ने कहा कि किसान विरोधी चरित्र के चलते अपनी सरकार के बेनकाब होने की बौखलाहट को छिपाने की नाकाम कोशिश करते मंत्री चौबे भी अब खंभा नोचने और तथ्यों को झुठलाकर झूठ का रायता फैलाने की होड़ में शामिल हो चले हैं।

उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने धान की कीमत केंद्र सरकार के सहयोग से बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन यह नहीं कहा था कि धान की कीमत बढ़ाने के लिए वे इस्तीफ़ा देंगे। रही बात बोनस देने की, तो पूर्ववर्ती प्रदेश भाजपा सरकार ने एक ही खरीफ सत्र में किसानों को दो साल का बोनस भुगतान किया था।

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