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छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में पहली बार शुक्रवार दोपहर 12 बजे से शनिवार सुबह 6.55 बजे तक चली चर्चा

19 घंटे बोले 47 विधायक, प्रस्ताव तो गिरा पर बना अनूठा रिकॉर्ड

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CG assembly

रायपुर . छत्तीसगढ़ विधानसभा में शनिवार को सुबह सात बजे एेतिहासिक १९ घंटे तक चली मैराथन बहस के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मंत्रिमंडल ने एक बार फिर विश्वास मत हासिल कर लिया। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 10 मतों से गिर गया। लेकिन इस बार 19 घंटे की मैराथन बहस ने 2015 की 15 घंटे तक चली बहस को पीछे छोड़कर एक अनूठा रिकॉर्ड बना दिया।


2015 में अविश्वास प्रस्ताव पर दोपहर 12 बजे से रात 3 बजे तक करीब 15 घंटे तक बहस चली थी। इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को दोपहर १२ बजे से शुरू हुई चर्चा शनिवार की सुबह करीब 6.55 बजे तक चली। ये छत्तीसगढ़ के इतिहास में चली सबसे लंबी बहस है। शुक्रवार-शनिवार को पक्ष और विपक्ष के ४७ सदस्यों ने हिस्सा लिया। चर्चा के बाद मतदान हुआ। मतदान में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ३८ तथा विपक्ष में 48 सदस्यों ने अपना मत दिया। राज्य के 90 सदस्यीय विधानसभा में सत्तापक्ष भाजपा के 49 तथा कांग्रेस के 39 सदस्य हैं। जबकि, एक सदस्य बहुजन समाज पार्टी का तथा एक स्वतंत्र सदस्य है। एक विधायक मनोनीत है। कांग्रेस और भाजपा के एक-एक सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। इनमें कांग्रेस के खेलसाय सिंह और भाजपा के बद्रीधर दीवान शामिल हैं।

सुबह कभी तो आएगी गीत ने दी प्रेरणा मिला सुकून और भरोसा : मुख्यमंत्री
मु ख्यमंत्री ने कहा, मुझे याद है जब मैं प्रदेश अध्यक्ष बनकर छत्तीसगढ़ आया था, तब मैंने प्रदेश के गांव-गांव का दौरा किया। तब एक गाना सुनता था कि वह सुबह कभी तो आएगी... इस गीत ने मुझे एक मंजिल दिया। इसी सुबह का इंतजार छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता कर रही थी। इस गीत से मुझे सुकून मिला, भरोसा मिला और हमने लगन व समर्पण के साथ जनता की जरूरत को समझा। विपक्ष आज विकास की बात कह रहा है। 2003 से आज 2017 तक पहुंचे हैं। धान का बोनस मिला तो सबको मिला, तेंदूपत्ता का बोनस मिलता है तो सबको मिलता है। धान बोनस लेने वालों में पहले कांग्रेसी लाइन में आगे रहे। विकास नजरों से दिखता है। बाहर से आने वाले व्यक्ति को लगता है नए स्थान में आ गया हूं। जब वह दंतेवाड़ा, सुकमा में जाता है तो विकास से रूबरू होता है।