
cg budget 2024: विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को नवा रायपुर और रायपुर स्मार्ट सिटी के कामकाज में अनियमितता का मुद्दा उठा। ध्यानाकर्षण के जरिए भाजपा विधायक राजेश मूणत ने इस मुद्दे को उठाते हुए 1000 करोड़ के कामकाज में बंदरबाट व साइंस कॉलेज चौपाटी को लेकर हाईकोर्ट को भी गुमराह करने का आरोप लगाया। जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, 1000 करोड़ के काम नियमानुसार हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने सदन में स्मार्ट सिटी के कामों की विभागीय जांच कराने की घोषणा की। साथ ही साइंस कॉलेज की चौपाटी को बंद करने के लिए विचार करने की बात भी कही।
विधायक मूणत ने कहा, अधिकारियों ने मिलीभगत कर एक हजार करोड़ रुपए का काम अपनों को दे दिया। केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना की कल्पना के अनुरूप काम नहीं किया गया। मंत्री चौधरी ने कहा, स्मार्ट सिटी के कामों के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी हुए थे। नियमों का पालन करते हुए काम सौंपा गया था। नया रायपुर में 14 टेंडर जारी हुए थे। इसमें से 10 काम धीमी गति से चल रहे थे। इसे बंद करने का आदेश दिया गया।
स्मार्ट सिटी मद से ट्रैफिक सुधारने में 209 करोड़ खर्च: विधायक मूणत ने कहा,स्मार्ट सिटी के पैसों को मनमाने तरीके से खर्च किया गया है। रायपुर में ट्रैफिक सुधार के नाम पर 209 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। मल्टीलेवल पार्किंग में 28 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं और उसका उपयोग नहीं हो रहा है। बूढ़ातालाब को प्रयोगशाला बना दिया गया है। एक भी स्मार्ट रोड नहीं बनी।
बिना एनओसी के बना दी चौपाटी
भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा, स्मार्ट सिटी के नाम पर बिना एनओसी के चौपाटी बना दी गई। जबकि यह जमीन खेल विभाग की थी। यूथ हब के नाम पर प्रोजेक्ट लाकर चौपाटी बना दिया गया। हाईकोर्ट को भी गुमराह कर दिया गया। चुनाव के पहले इतनी हड़बड़ी थी कि दुकानों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया तेज कर दी गई। स्मार्ट सिटी के नाम पर लूट मचा दी थी। हम भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिन व्यक्तियों ने नियम के विपरीत जाकर काम किया है, उनके खिलाफ जांच की जाए। इस पर मंत्री चौधरी ने कहा, सदस्य की ङ्क्षचता जायज है। चौपाटी हटाने के संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग से चर्चा कर इसके बेहतर उपयोग के संबंध में विचार किया जाएगा।
Published on:
13 Feb 2024 09:49 am
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