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तोड़फोड़ के बाद कांग्रेस के बागियों ने डाले हथियार, एजाज ढेबर ने मांगी माफी

नगर निगम के पार्षद एजाज ढेबर ने शुक्रवार को राजीव भवन पहुंचकर अपने कार्यकर्ताओं की हरकत पर माफी मांग ली
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रायपुर

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Deepak Sahu

•

Updated: 3 Nov 2018, 8:16 AM IST

CGNews

तोड़फोड़ के बाद कांग्रेस के बागियों ने डाले हथियार, एजाज ढेबर ने मांगी माफी

रायपुर. पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के विरोध में भारी तोडफ़ोड़ और हंगामे के बाद कांग्रेस के बागी नेताओं ने हथियार डाल दिए हैं। रायपुर दक्षिण से टिकट के दावेदार और नगर निगम के पार्षद एजाज ढेबर ने शुक्रवार को राजीव भवन पहुंचकर अपने कार्यकर्ताओं की हरकत पर माफी मांग ली।

ढेबर ने कहा, राजीव भवन में हुए नुकसान की भरपाई वे खुद की राशि से करेंगे। एजाज के समर्थकों ने गुरुवार रात राजीव भवन में तोडफ़ोड़ कर दरवाजों-खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया था। उधर बिलासपुर में हालात संभालने का दावा किया जा रहा है। वहां प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव के समर्थकों ने पार्टी कार्यालय में तोडफ़ोड़ कर तालाबंदी की थी।

बताया जा रहा है कि संगठन ने एेसे बागियों से बात कर साफ कह दिया कि उनकी राजनीति केवल इस चुनाव तक नहीं है। आगे और भी मौके मिलेंगे। लंबा चलना है तो पार्टी का निर्णय मानना ही होगा। पार्टी प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने बताया, वह कार्यकर्ताओं का क्षणिक आवेश था। सभी को समझा लिया गया है, अब कहीं कोई नाराजगी नहीं है।

बस्तर सुलझ गया तो चंद्रपुर में उलझा है मामला : कांग्रेस ने कांकेर में विधायक शंकर ध्रुवा का टिकट काटकर शिशुपाल शोरी को उम्मीदवार बनाया है। उसके बाद शंकर नाराज हो गए थे, उन्होंने निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा की थी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद वे मान गए।

दंतेवाड़ा सीट से छबिंद्र कर्मा अपनी मां के खिलाफ निर्दलीय नामांकन भर चुके थे। लेकिन उन्हें भी मना लिया गया। लेकिन बिलासपुर संभाग के चंद्रपुर में पूर्व विधायक नोबेल वर्मा ने मोर्चा खोल रखा है। वर्मा अपनी पत्नी को राष्ट्रवादी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा रहे हैं। वहीं रायपुर उत्तर से अजीत कुकरेजा ने नामांकर दाखिल किया है। कुकरेजा इसे डमी नामांकन बता रहे हैं।

एेसे ठंडे पड़े बगावती तेवर : कांग्रेस ने बागी नेताओं के संरक्षणदाता वरिष्ठों को ही उन्हें नियंत्रित करने का सीधा जिम्मा सौंपा। उन्हीं लोगों के जरिए पार्टी ने संदेश पहुंचाया कि उनकी बगावत से उन्हीं के कॅरियर को नुकसान पहुंचेगा। एेसे नेताओं को कहा गया कि इस बार निश्चित तौर पर कांग्रेस की सरकार बन रही है।

एेसे में संगठन के साथ रहने में ही उनका भविष्य है। बिलासपुर की बगावत शांत करने के लिए पार्टी प्रभारी पी.एल. पुनिया ने खुद अटल श्रीवास्तव से फोन पर बात की। रायपुर में एजाज ढेबर को समझाने के लिए राजेंद्र तिवारी को लगाया गया। शंकर ध्रुवा और छबिंद्र को मनाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव सहित लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं ने बात की थी।

रेणु जोगी ने जनता कांग्रेस से भरा नामांकन
कोटा की कांग्रेस विधायक डॉ. रेणु जोगी ने शुक्रवार को पति अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) की अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन जमा किया। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद गुरुवार को सोनिया गांधी को भावुक पत्र लिखने के बाद रेणु ने यह कदम उठाया।