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सरकार ने 36 में ये 19 वादे नहीं किए पूरे, सदन में किया स्वीकार, इधर सिंहदेव के पत्र पर विपक्ष का जमकर हंगामा

Chhattisgarh Assembly: विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष के विधायकों ने पंचायत मंत्री के पद से टीएस सिंहदेव (Minister TS Singhdeo) के सीएम को पत्र लिखकर इस्तीफा देने की बात पर जमकर किया हंगामा, विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामे को देखते हुए पूरे दिन के लिए सदन स्थगित किया

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Chhattisgarh Assembly

रायपुर. Chhattisgarh Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। पंचायत मंत्री के पद से टीएस सिंहदेव के इस्तीफे को विपक्ष ने दमदारी से उठाया। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने टीएस सिंहदेव द्वारा सीएम को लिखे गए पत्र को सदन में पढ़ा और कहा कि एक मंत्री द्वारा सरकार पर आरोप लगाते हुए पत्र लिखा गया है। इसे लेकर उन्होंने व्यवस्था की मांग की। सत्तापक्ष की टिप्पणी के बाद वहां हंगामा होने लगा। विपक्ष की इस बात को विधानसभा अध्यक्ष ने नहीं माना और भारी हंगामे को देखते हुए सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया। वहीं सदन में सरकार ने यह बात स्वीकार किया कि 36 में 19 वादे उन्होंने पूरे नहीं किए।


सदन में सरकार पर घोषणा पत्र में जनता से किए गए 36 वादे पूरे नहीं करने के आरोप पर सीएम भूपेश बघेल ने स्वीकार किया कि 19 वादे पूरे नहीं हुए। इनमें 15 वादों पर कोई काम नहीं हुआ जबकि 4 वादों पर आंशिक रूप से काम किए गए।

गौरतलब है कि घोषणा पत्र के अनुसार शराबबंदी, बेरोजगारी भत्ता व शहरी क्षेत्र में 2 कमरों का मकान, शहरी इलाके में संपत्ति कर 50 प्रतिशत माफ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह समाप्त करने का काम भी नहीं हो पाया।


ये 19 वादे नहीं हुए पूरे
1. शराब बंदी
2. बेरोजग़ार भत्ता
3. शहरी क्षेत्र में आवासहीन को 2 कमरे का मकान
4. होमस्टेड अधिनियम
5. अनियमित संविदा और दैनिक वेतनभोगी को नियमितिकरण करना और किसी की छंटनी ना करना
6. सर्व वृद्धा पेंशन और वरिष्ठ नागरिक (75 वर्ष से उपर) तथा सर्व विधवा पेंशन को 1000 रुपए देना


7. जल संसाधन नीति
8. सिंचाई शुल्क की माफ़ी
9. हर ब्लॉक में फ़ूड पार्क
10. लोकपाल अधिनियम
11. पत्रकारों वकीलों और डॉक्टरों के संरक्षण के लिए विशेष क़ानून
12. गांव, पारा और टोला जो अन्य किसी मौजूदा योजना में शामिल नहीं किये गए उन्हें ग्राम सड़क योजना से जोडऩा


13. वाइल्ड लाइफ़ कॉरिडोर
14. वैज्ञानिक आयोग
15. पर्यटन मास्टर प्लान और पर्यटन को उद्योग स्वरूप बनाना,
16. राज्य सरकार की नौकरी में आउट सोर्सिंग की पूरी तरह समाप्ति
17. सरकारी स्कूलों में 9 वीं कक्षा के सभी छात्र छात्राओं को मुफ़्त सायकल देना
18. कॉलेज और स्कूली छात्र-छात्राओं को मुफ़्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा
19. संपत्ति कर को शहरी इलाक़े में पचास प्रतिशत तक कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्णत: समाप्त किया जाना

यह भी पढ़ें: टीएस सिहंदेव ने सीएम को लिखा पत्र, बताया- किस वजह से पंचायत मंत्री के पद से देना पड़ा इस्तीफा


धान का बकाया बोनस का भी नहीं हुआ भुगतान
राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि घोषणा पत्र में उल्लेखित "सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा, किसानों के 2 वर्ष के धान का बकाया बोनस भुगतान किया जाएगा।" यह वायदा भी शत-प्रतिशत पूरा नहीं हुआ है। राज्य सरकार ने बताया कि दस दिनों के भीतर किसानों का कर्ज माफ तो पूरा हुआ लेकिन किसानों को दो वर्ष के धान का बकाया बोनस भुगतान का काम पूरा नहीं हुआ है।