
मेडिकल कॉलेजों को मिली राहत (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Medical Colleges: प्रदेश के लिए खुशखबरी है। प्रदेश के 10 सरकारी समेत एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 1530 सीटों को नए सत्र के लिए मान्यता मिल गई है। इनमें सरकारी कॉलेजों की 1430 सीटें शामिल हैं। बाकी चार निजी कॉलेजों को सीटेें रिनुअल होने का इंतजार है। प्रदेश में एमबीबीएस की कुल 2330 सीटें हैं। इस साल 150 से 300 सीटें बढ़ सकती हैं। दरअसल तीन सरकारी व एक निजी कॉलेज को मान्यता मिलने की संभावना है। यही नहीं कुछ कॉलेजों में सीटें भी बढऩे के आसार हैं।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने प्रदेश के 11 कॉलेजों की सीटें रिनुअल कर दी हैं। रिनुअल का मतलब ये है कि सत्र 2026-27 में इन सीटों पर प्रवेश दिया जा सकेगा। जिन कॉलेजों की सीटें रिनुअल नहीं हुई हैं, उनकी सीटों को भी जल्द मान्यता मिलने की संभावना है। पिछले साल जिस निजी कॉलेज में सीबीआई के छापे पड़े थे, उन्हें भी पिछले साल की तरह 100 सीटें रिनुअल की गई हैं। सीटें रिनुअल होने से नीट यूजी दिए छात्रों को बड़ी राहत मिली हैं। सीटें बढऩे से कट ऑफ माक्र्स गिरेगा, जिससे उन्हें प्रवेश लेने में आसानी होगी।
प्रदेश में प्रस्तावित 5 में 3 नए मेडिकल कॉलेजों दंतेवाड़ा, कवर्धा व जांजगीर-चांपा को नए सत्र के लिए पहली बार मान्यता मिलने की संभावना है। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि इन कॉलेजों के लिए संबद्ध अस्पताल के लिए जिला अस्पतााल उपलब्ध है। जबकि कुनकुरी में सीएचसी व मनेंद्रगढ़ में पीएचसी को अपग्रेड किया गया है। इसलिए मान्यता मिलने की संभावना कम दिख रही है।
एनएमसी ने जिन कॉलेजों की सीटें रिनुअल की है, उन्हें 45 दिनों में बताई गई कमियां दूर करने को कहा है। एक तरह से अंडरटेङ्क्षकग के अनुसार सीटें रिनुअल की गई हैं। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि सरकारी कॉलेजों में फैकल्टी की कमी तो है, लेकिन एनएमसी ने सरकारी के कारण सीटें रिनुअल आसानी से कर दीं। कई कॉलेजों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर कुछ नहीं है। उधार के भवन में कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है।
सरकार कॉलेजों की सीटें रिनुअल कर दी गई हैं। उम्मीद है कि नए कॉलेजों को भी नए सत्र के लिए मान्यता मिल जाएगी- डॉ. यूएस पैकरा, डीएमई छग
रायपुर स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 20 सीटें बढ़ सकती हैं। कॉलेज प्रबंधन ने 250 सीटों का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा था, लेकिन पहले की 230 सीटों को रिनुअल किया गया है। 20 सीटों की मान्यता कभी भी आ सकती हैं। वहीं एक निजी कॉलेज ने भी सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव भेजा है। यहां भी सीटें बढऩे की पूरी संभावना है। यही नहीं राजधानी में ही एक निजी कॉलेज शुरू हो सकता है। एनएमसी ने एक सप्ताह पहले कॉलेज का निरीक्षण पूरा कर लिया है। उम्मीद की जा रही है कि इस साल एमबीबीएस की 150 सीटों को मान्यता मिल जाए।
Published on:
03 Jul 2026 09:21 am
