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3 दिन बाद भी नहीं थमा दर्द! नकटी गांव में बुलडोजर के बाद तबाही, मलबे में रहने को मजबूर बच्चे और बुजुर्ग

Chhattisgarh Viral News: छत्तीसगढ़ के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के तीन दिन बाद भी करीब 80 परिवार बेघर हैं। लगातार बारिश के बीच लोग मलबे में रहने को मजबूर हैं और पुनर्वास की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
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Nakti Village Bulldozer Action

Nakti Village Bulldozer Action: 3 दिन बाद भी नहीं थमा दर्द(photo-patrika)

Nakti Village Bulldozer Action: छत्तीसगढ़ के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के तीन दिन बाद भी प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। करीब 80 घरों पर कार्रवाई के बाद दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं और लगातार बारिश के बीच अपने टूटे हुए घरों के मलबे में रहने को मजबूर हैं। बारिश और कीचड़ के बावजूद ग्रामीण गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वे पुनर्वास और राहत की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि जब तक उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Chhattisgarh Bulldozer Action: बारिश में मलबे के बीच गुजर रही जिंदगी

बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सिर से छत छिन गई है। लगातार बारिश के कारण हालात और कठिन हो गए हैं। कहीं बच्चे भीगे हुए सामान के बीच बैठे दिखाई दे रहे हैं तो कहीं बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे दिन-रात बिताने को मजबूर हैं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पुनर्वास की मांग को लेकर धरना जारी

कार्रवाई के विरोध में ग्रामीण लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उन्हें रहने के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था और न्याय नहीं देगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों के अनुसार उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि अपने परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग करना है।

प्रशासन ने रखा अपना पक्ष

प्रशासन की ओर से कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष सामने रखा गया है। हालांकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता अब सिर पर छत, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाना है। उनका आरोप है कि कार्रवाई के बाद उनकी मूलभूत जरूरतों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।

उठ रहे हैं कई सवाल

बारिश के बीच धरने पर बैठे ग्रामीणों की तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। क्या बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था पर्याप्त है? बेघर हुए लोगों को राहत कब मिलेगी? बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था कब होगी? इन सवालों के जवाब का इंतजार अब भी प्रभावित परिवार कर रहे हैं।

राहत और समाधान का इंतजार

नकटी गांव के प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे प्रशासन से टकराव नहीं चाहते, बल्कि केवल सुरक्षित आवास और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। फिलहाल बारिश के बीच उनका संघर्ष जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।

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