
VBG Ram Ji Yojana: 1 जुलाई से लागू होगी नई व्यवस्था(photo-patrika)
VBG Ram Ji Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए वीबीजी राम जी योजना लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से प्रदेश के अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी होगी। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा। योजना को केवल रोजगार तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण आधारभूत ढांचे और प्राकृतिक संसाधनों के विकास से भी जोड़ा गया है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
वीबीजी राम जी योजना को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे ‘विकसित भारत 2047’ की सोच से जोड़ते हुए ग्रामीण विकास के मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, कृषि आधारित आजीविका और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि योजना के जरिए गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ स्थायी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना में डिजिटल सिस्टम को अहम भूमिका दी गई है। कार्यों की निगरानी जियो-टैगिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और ऑनलाइन प्रबंधन प्रणाली के जरिए की जाएगी। इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और गड़बड़ी रोकने का प्रयास किया जाएगा। मजदूरी भुगतान को लेकर भी समय सीमा तय की गई है। 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं होने पर मजदूरों को क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान रखा गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण परिवारों का पंजीयन किया जाएगा और उन्हें रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे। रोजगार की मांग करने पर पात्र परिवारों को काम उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने योजना में महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह और ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया है। लाभार्थियों में कम से कम एक-तिहाई महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वीबीजी राम जी योजना के संचालन में ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पंचायतें कार्यों की पहचान, योजना तैयार करने, पंजीयन, रोजगार आवंटन और निगरानी का काम करेंगी। वहीं ग्राम सभाओं को सामाजिक अंकेक्षण यानी सोशल ऑडिट का अधिकार दिया गया है।
इससे ग्रामीण खुद योजना के क्रियान्वयन की निगरानी कर सकेंगे। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में परिषद गठित की जाएगी। जिला स्तर पर कलेक्टर और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी योजना की जिम्मेदारी संभालेंगे।
योजना के तहत यदि पात्र व्यक्ति को निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है। इसके अलावा कार्यस्थल को संभव होने पर घर से 5 किलोमीटर के भीतर देने का प्रयास किया जाएगा। इससे अधिक दूरी पर काम मिलने पर अतिरिक्त भत्ते का प्रावधान होगा।
सरकार का दावा है कि प्रभावी क्रियान्वयन होने पर यह योजना ग्रामीण रोजगार, पारदर्शिता और विकास के क्षेत्र में नया मॉडल साबित हो सकती है।
Published on:
30 Jun 2026 11:47 am
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