
तीन राज्यों के फोर्स की घेराबंदी, अब अपनी ही मांद में फंसे माओवादी
राजनांदगांव/रायपुर. सीमावर्ती और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सुरक्षाबल घेराबंदी कर रहे हैं। फोर्स के मुस्तैदी से माओवादी अपने मंसूबों पर कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। वहीं माओवादियों को ग्रामीणों का सहयोग भी नहीं मिल रहा है।
ग्रामीणों में दहशत फैलाने के लिए वे अब निर्दोष ग्रामीणों को अपना निशान बना कर मौत के घाट उतार रहे हैं। माओवादियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में रविवार रात को फिर एक वाहन को आग के हवाले कर दिया है। गौरतलब है कि शनिवार रात को कोहका थानाक्षेत्र के बेलगांव में घर में टीवी देख रहे ग्रामीण नरेश सलामे की गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद जंगल की ओर भाग गए थे। घटना के बाद बेलगांव सहित आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जिले के पश्चिम व दक्षिण के बीच के क्षेत्र मानपुर -मोहला, कोहका में जिला पुलिस बल आईटीबीपी व अन्य फोर्स की तैनाती है। इसके बाद बार्डर में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिला पुलिस व फोर्स लगातार बार्डर एरिया में सर्चिंग कर रही है। वहीं उत्तर में जिले के गातापार, साल्हेवारा, भावे, लक्षणा क्षेत्र में भी जिला पुलिस व सुरक्षा बाल तैनात है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के बालाघाट जिला पुलिस भी बार्डर क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है। ऐसे में नक्सली अपने एरिया में सुरक्षा बलों से घिर गई है और बाहर निकल नहीं पा रहे हैं। अपने एरिया में घिरे नक्सलियों को ग्रामीणों का सहयोग भी नही मिल रहा है और वे लोग ग्रामीणों ने दहशत पैदा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार जिस दिन माओवादियों ने नरेश सलामे की हत्या की थी उस दिन सुरक्षाबल व पुलिस के जवान बेलगांव व आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग करने गए थे। सुरक्षा बलों के जाते ही माओवादी बेलगांव पहुंचे और नरेश की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले माओवादियों ने नरेश पर मुखबिरी का आरोप लगाकर उससे मारपीट भी की थी। इस दौरान डर की वजह से नरेश गांव छोडक़र चला गया था और कुछ माह पहले ही लौटकर खेती किसानी कर रहा था। शनिवार को जवानों के सर्चिंग से लौटने के बाद माओवादियों ने उसकी हत्या कर दी। इधर, पुलिस अधिकारी उसे मुखबिर होने से इनकार कर रहे है।
राजनांदगांव के एसपी कमल लोचन कश्यप ने बताया कि माओवाद प्रभावित व बार्डर क्षेत्रों में स्थानीय सुरक्षा बल और महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश का फोर्स लगातार सर्चिंग कर रही है। तीनों राज्य के फोर्स की मुस्तैदी से माओवादी अपने मसूबों पर कामयाब नहीं हो पा रहे हैं और दहशत फैलाने ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं। माओवादियों के हर एक हरकतों का कड़ाई के साथ जवाब दिया जाएगा।
जानकारी मिली है कि माओवादियों ने रविवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिला के एटा पल्ली तहसील अंतर्गत ग्राम डेहरी के विनोबा भावे आश्रम स्कूल के सामने खड़े ट्रक को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि घटना के समय 20 से 25 माओवादी मौजूद थे। इससे पहले शुक्रवार को सडक़ निर्माण में लगे 16 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
पीएलजीए सप्ताह के दूसरे दिन फरसिया में माओवादियों के बैनर और पर्चा मिलने से ग्रामीणों में दहशत है। उल्लेखनीय है कि माओवादियों द्वारा इन दिनों 2 से 8 दिसंबर तक शहीदी सप्ताह मनाया जा रहा है। शहीदी सप्ताह के दूसरे दिन सोमवार को नगरी ब्लाक मुख्यालय से करीब 8 किमी दूर फरसिया महामाई मंदिर के पास भारी मात्रा में माओवादी पोस्टर और बैनर चस्पा किए हैं। इसे भारतीय कम्प्युनिस्ट पार्टी माओवादी, सीतानदी एरिया समिति द्वारा लगाया गया है। सुबह ग्रामीणों की नजर पड़ी तो नगरी पुलिस को गई। पुलिस ने बैनर-पोस्टर जब्त कर लिया है। नगरी, सिहावा के साथ ही खल्लारी, बोराई, बिरनासिल्ली, मेचका कैम्प के सीआरपीएफ, सीएएफ, एसओजी, इफेक्टिव-30 व जिला बल जंगल ने जंगल में सर्चिंग बढ़ा दी है।
Published on:
04 Dec 2018 12:16 pm
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