
पानी सप्लाई में 600 करोड़ खर्च ( Photo - Patrika )
CG News: नगर निगम रायपुर राजधानीवासियों को शुद्ध पानी पिलाने का दावा कर रहा है। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान पांच सालों में अमृत मिशन योजना पर स्मार्ट सिटी कंपनी के साथ मिलकर नगर निगम ने 600 करोड़ से ज्यादा खर्च किए। इसके बाद भी घरों में गंदे पानी की सप्लाई का खतरा बना है।
CG News: गायत्रीनगर क्षेत्र की पॉश कॉलोनियों में नलों से बदबूदार पानी आने से हाहाकार मचा है। कई लोग पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। कई परिवार बीमार भी हो चुके हैं। अमृत मिशन योजना की फाइलें भी काफी मोटी हैं। परंतु जमीनी स्तर पर न तो नालों, नालियों से पाइप लाइनें बाहर निकलीं और न ही पाइप लाइन लीकेज की समस्या का समाधान हो पाया है। जिम्मेदारों का दावा यही कि इस योजना के तहत शहर की 46 टंकियों में से 22 कमांड एरिया में नई पाइप लाइन बिछाने का काम कराया ताकि 70 वार्डों की 18 से 20 लाख आबादी को शुद्ध पानी मिल सके।
निगम के भाठागांव फिल्टर प्लांट रॉ वाटर को शुद्ध करके सभी 46 टंकियों को भरा जाता है। परंतु अमृत योजना की हकीकत यह है कि हर महीने चार से पांच जगहों पर पाइप लाइन में लीकेज की समस्या आती है। गर्मी में कई क्षेत्रों में टैंकरों से पानी सप्लाई करना पड़ता है। लीकेज की वजह से गंदा और बदबूदार पानी घरों में पहुंचता है और उसे पीने को मजबूर हैं।
गायत्री नगर क्षेत्र की सेल टैक्स कॉलोनी और पिंक सिटी की महिलाओं ने बताया कि गंदा पानी पीने से बच्चे बीमार हो गए थे। बदबूदार पानी आने के कारण 250 रुपए से लेकर 300 रुपए का पानी खरीद रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कांक्रीट रोड होने से इस क्षेत्र में आए लीकेज पॉइंट को ट्रेस करने में समय लगा।
महर्षि वाल्मीकि वार्ड 32 के अंतर्गत सेल्स टैक्स कॉलोनी, पिंक सिटी के रहवासी बदबूदार पानी से परेशान हैं। शनिवार को महापौर मीनल चौबे मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों को 24 घंटे का अल्टीमेटल दिया है। उन्होंने घरों में स्वच्छ पेयजल हर हाल में सप्लाई करने की चेतावनी दी।
कुछ साल पहले 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। यहां डामरीकरण कराए जाने के बाद अब एक बार फिर सदर बाजार में रोड खोदकर दुकानों में कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है।
शहर की पाइप लाइनें नालों और नालियों में डूबी हैं, जिससे बदबूदार पानी आ रहा है। पत्रिका ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद निगम प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। नालों और नालियों से पानी पाइप ऊपर उठाने की चुनौती सामने है। नगर निगम में 70 वार्ड हैं। 7-7 वार्डों को मिलाकर एक जोन बनाया गया है। ऐसे 10 जोनों में निगम का अमला तैनात है। इसके बावजूद गंदा पानी की शिकायतें बनी हैं। जल कार्य विभाग के कार्यपालन अभियंता नरङ्क्षसह फरेंद्र का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों से हर दिन 30 से 35 जगहों से पानी का सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। लीकेज मिलने पर तत्काल सुधार कराया जाता है। उन्होंने कहा कि नालों और नालियों से पाइप ऊपर करने के लिए सभी जोन कमिश्नरों को पत्र भेज रहे हैं।
Published on:
04 Jan 2026 03:06 pm
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