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बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत, किसानों के लिए बनी आफत

रबी फसल व सब्जियों को भारी नुकसान, आंधी से धान संग्रहणों में कैवकवर उड़े, पेड़ टूटे

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बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत, किसानों के लिए बनी आफत

बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत, किसानों के लिए बनी आफत

बलौदा बाजार। मौसम में आए एकाएक बदलाव के बाद पूरे जिले में मंगलवार सुबह मूसलाधार बारिश ने लोगों को सावन माह की याद दिला दी। मंगलवार सुबह लगभग आधे घंटे तक मूसलाधार तथा एक घंटे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के बाद एक ओर जहां तापमान कम होने से लोगों को भीषण गर्मी तथा उमस से राहत मिली है, वहीं बारिश का मौसम सब्जी तथा ग्रीष्मकालीन धान के लिए आफत साबित हुआ है तथा इन फसलों को जमकर नुकसान हुआ है।
जिले में बीते चार पांच दिनों की बदली के बाद मंगलवार सुबह जिले के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के साथ ही साथ तेज आंधी तूफान के बाद लगभग आधे घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के चलते नगर के मुख्य मार्ग किनारे तथा निचले इलाकों में पानी भरने की नौबत आ गई। वहीं, तेज आंधी-तूफान के चलते नगर के कई इलाकों के पेड़ की टहनियां भी टूटकर गिर गईी। बारिश के बाद तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आने से लोगों को गर्मी तथा उमस से राहत मिली है तथा मौसम सुहावना हो गया है। बारिश से सर्वाधिक नुकसान किसानों को हुआ है। बलौदा बाजार ब्लाक में ग्रीष्मकालीन धान का कुल रकबा लगभग 1300 हेक्टेयर है। ग्रीष्मकालीन धान वर्तमान में कटाई के लिए पूरी तरह से तैयार है परंतु कटाई के ऐन पूर्व मूसलाधार बारिश होने की वजह से कई स्थानों पर धान की पूरी फसल जमीन पर लोट गई है, जिससे किसानों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। बेमौसम बारिश ने सब्जी बाड़ी का उत्पादन करने वाले किसानों की कमर ही तोडक़र रख दी है। सब्जी उत्पादक किसान सुरेन्द्र यादव, प्रेमलाल यादव, सोबितराम यादव आदि ने बताया कि बारिश से चौलाई भाजी, लाल भाजी, टमाटर, भिंडी आदि अधिकांश सब्जियों को तगड़ा नुकसान हुआ है। टमाटर, भिंडी आदि के पौधे कमजोर होते हैं जो तेज हवा तथा मूसलाधार बारिश से पूरी तरह से टूटकर गिर गए हैं। किसानों ने बताया कि एक फसल की पूरी सब्जी चौपट हो गई है।
बारिश से लगातार भीग रहा है धान
इस वर्ष राज्य शासन द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर 1 दिसंबर से 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की गई है, परंतु धान को संग्रहण केन्द्रों तक पहुंचाए जाने की स्थिति अब तक बेहद खराब है। परिवहन के अभाव में जिले में 22 लाख 74 हजार क्विंटल धान केवल कैपकवर के ही भरोसे रखे हुए हैं। मंगलवार सुबह तेज आंधी तूफान की वजह से अधिकांश उपार्जन केन्द्रों के कैपकवर उड़ गए जिसके बाद मूसलाधार बारिश में अधिकांश धान फिर से भीग गया। जिले में धान के रख रखाव को लेकर की जा रही लापरवाही बाबत बार बार चेतावनी दिए जाने, ग्रामीणों के द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक संबंधित विभागीय अधिकारी धान को सुरक्षित रखने के लिए गंभीर नहीं हुए हैं, जिसकी वजह से फरवरी, मार्च माह से बीच-बीच में हो रही बारिश में धान लगातार भीग रहा है।