
उर्वरकों के स्टॉक में मिली भारी गड़बड़ी, दुकानदारों को थमाया नोटिस
बलौदाबाजार। किसानों को सहज खाद उपलब्धता व खादों की कालाबाजारी ना हो इस उद्देश्य से मंगलवार को राज्य शासन के निर्देश पर जिले में संभाग व जिला स्तरीय निरीक्षण दल के संयुक्त टीम ने उर्वरक विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उर्वरकों के स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई व दुकानदारों को नोटिस देते हुए कार्रवाई की गई है। संयुक्त संचालक कृषि गयाराम के नेतृत्व में उक्त कार्रवाई की गई। इस दौरान उमेश साहू, आर. एस. भारद्वाज उपस्थित रहे। उसी तरह जिला स्तरीय निरीक्षण दल में अनुविभागीय कृषि अधिकारी जयेंद्र कंवर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एम. के. पैंकरा, अश्वनी कुमार निर्मलकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बी. पी. जावरिया, कृषि विकास अधिकारी बी. प्रजापति, आरएईओ अश्वनी साहू मुख्य रूप से उपस्थित थे।
मंगलवार को की गई कार्रवाई में विकासखंड पलारी के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पलारी, डबल लाक पलारी कृषि सेवा केन्द्र, पलारी व विकासखंड बलौदा बाजार के संतोष कुमार अग्रवाल एंड कम्पनी, बलौदा बाजार नवीन ट्रेडर्स बलौदा बाजार व जोगी कृषि सेवा केन्द्र बलौदा बाजार का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पलारी व कृषि सेवा केन्द्र पलारी तथा जोगी कृषि केन्द्र बलौदा बाजार में अनियमितता पाई गई। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पलारी में पीओएस मशीन में इन्द्राज स्कंध व भौतिक स्कंध में भिन्नता पाई गई तथा अन्य 2 विक्रय केन्द्रों में स्कंध पंजी का संधारण उचित रूप से नहीं किया गया था। तीनों केन्द्रों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसी प्रकार उर्वरक निरीक्षक विकासखण्ड कसडोल लक्ष्मी प्रसाद देवांगन द्वारा आचार्य कृषि सेवा केन्द्र कसडोल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पोर्टल में उपलब्ध जानकारी का भौतिक स्कंध से मिलान ना होना पाया गया, जिसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उर्वरक निरीक्षक विकासखंड पलारी एम. के. पैंकरा द्वारा बघेल कृषि केन्द्र पलारी को भी पीओएस मशीन व भौतिक स्कंध में भिन्नता होने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उर्वरक निरीक्षक विकासखण्ड सिमगा अखिलेश दत्त दुबे द्वारा प्राथिमक कृषि साख सहकारी समिति विश्रामपुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उर्वरक स्कंध पंजी पीओएस तथा भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक की मात्रा में अत्यधिक अंतर पाया गया। सेवा सहकारी समिति में पीओएस में दर्शित उर्वरक की कुल मात्रा 286.45 मीट्रिक टन के विरुद्ध केवल 40.84 मीट्रिक टन भौतिक भंडारण उर्वरक का पाया गया। इस प्रकार लगभग 246 मीट्रक टन का अंतर पाया गया।
विश्रामपुर समिति 21 दिन के लिए प्रतिबंधित
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि उर्वरक का भंडारण तीन अलग-अलग स्थानों पर विश्रामपुर, करहुल व संजारी नवागांव में किया गया था, परंतु प्राधिकार पत्र में केवल विश्रामपुर का उल्लेख था। इस प्रकार 2 गांव में अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण किया गया था। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि उर्वरक का भंडारण उचित रखरखाव के साथ नहीं किया जा रहा है। गोदाम में अत्यधिक नमी के कारण उर्वरक खराब हो रहे हैं तथा कीचड़ जैसी शक्ल में परिवर्तित हो रहे हैं। इससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होती है तथा उर्वरक में जो तत्व निर्धारित प्रतिशत में उपलब्ध होने चाहिए, वह नहीं हो पाते। इसके कारण कृषक के द्वारा जब ऐसे उर्वरक को खेतों पर डाला जाता है तो आशान्वित परिणाम प्राप्त नहीं होता, जिससे कृषक को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। उपरोक्त विषयों को ध्यान में रखते हुए उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत पूर्व में भी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति विश्रामपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद भी उचित कार्रवाई नहीं करने पर प्रभारी समिति प्रबंधक सुरेश साहू को स्मरण पत्र क्रमांक 1 तथा 2 भी जारी किया गया, इसके बाद भी स्टॉक मिलान नहीं किया गया तथा पंजी में अंकित उर्वरक की मात्रा तथा भौतिक रूप से उपस्थित उर्वरक की मात्रा में अत्यधिक अंतर पाया गया। जिस पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के क्लास 4 तथा 9 के उल्लघन के स्वरूप उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 खण्ड 28 1 क में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उर्वरक के भंडारण वितरण को 21 दिवस के लिए प्रतिबन्धित किया गया है।
Published on:
30 Jun 2021 03:45 pm
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