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मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिंचाई के लिए गंगरेल से छोड़ा गया पानी

किसान संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने की थी मांग

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिंचाई के लिए गंगरेल से छोड़ा गया पानी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सिंचाई के लिए गंगरेल से छोड़ा गया पानी

भाटापारा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान संगठनों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की मांग पर संवेदनशीलता से निर्णय लेते हुए जल संसाधन विभाग को 30 सितम्बर से गंगरेल बांध सहित सिंचाई जलाशयों से पानी छोडऩे के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में विभागीय अधिकारियों को गंगरेल बांध (रविशंकर जलाशय) से 30 सितम्बर से बांध के कमांड एरिया में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी छोडऩे के लिए निर्देशित किया है। बताया गया है कि गंगरेल बांध से गुरुवार को पानी छोड़ा गया है जो शनिवार तक भाटापारा क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा। पूरे भाटापारा क्षेत्र में इस समय पानी की भारी जरूरत है। गंगरेल बांध से धमतरी, बालोद, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
जल संसाधन मंत्री चौबे ने बताया कि गंगरेल बांध में वर्तमान में 79 प्रतिशत जल भराव है। किसानों की आवश्यकता को देखते हुए महानदी परियोजना समूह के जलाशय माडमसिल्ली तथा सोंढूर से दुधावा से भी पानी गंगरेल में लाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि किसान संगठनों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए तांदूला व खरखरा जलाशय से भी सिंचाई के लिए पानी छोडऩे के निर्देश दिए गए हैं।

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भाटापारा क्षेत्र में पानी की कमी को देखते हुए कृषि मंत्री रविंद्र चौबे वं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने की मांग की गई थी। गुरुवार को गंगरेल के गेट खोले गए हैं। अब किसानों को शाखा नहर से पानी मिल पाएगा।
- सतीश अग्रवाल, निगम मंडल सदस्य, छत्तीसगढ़ शासन

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गंगरेल बांध से पानी छोड़ा गया है जो संभवत शनिवार तक भाटापारा क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा। इस समय भाटापारा क्षेत्र में पानी की सख्त आवश्यकता है। शाखा नहर में पानी आते ही किसानों को काफी राहत मिल सकेगी।
- एस. बी. मित्रा, एसडीओ, भाटापारा शाखा नहर