
CG News: मौत का गड्ढा बना हादसे की वजह! दो मासूमों की डूबकर मौत, परिजनों का हाईवे पर प्रदर्शन...(photo-patrika)
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में कबीरनगर इलाके में एक बिल्डर के प्लाट में बने गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों और मोहल्ले वालों ने हीरापुर-जरवाय हाईवे पर बैठकर विरोध जताने लगे। बिल्डर और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज और मुआवजे की मांग करने की मांग करने लगे।
विरोध के चलते करीब 4 किमी तक रोड जाम हो गया। ट्रकों की लंबी कतारें लग गई। बता दें कि 31 अक्टूबर को नवा रायपुर में ब्लू वाटर खदान के पानी में नहाने उतरे दो नाबालिग डूब गए थे।
मुताबिक हीरापुर में वीर सावरकर मोहल्ला निवासी शेषनारायण शाह के घर उनके साढ़ू का बेटा 8 वर्षीय श्रेष्ठपूर्व आलोक शाह आया था। रविवार को दोपहर करीब 3 बजे शेषनारायण का 9 वर्षीया बेटा सत्यम कुमार शाह और आलोक घर से घूमने निकले थे। इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे। शाम तक दोनों बच्चे नहीं दिखे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के रिश्तेदारों और मोहल्ले में तलाश किया। दोनों नहीं मिले। इसके बाद रात 9 बजे कबीर नगर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने उनके मोहल्ले में बच्चों की तलाश शुरू की। कुछ लोगों ने बताया कि दोनों बच्चे दोपहर में फार्च्यून बिल्डर के प्लाट में बने बड़े गड्ढे के पास दिखे थे। इसके बाद पुलिस गड्ढूे के पास पहुंची, तो दोनों बच्चों के चप्पल किनारे में मिली। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि बच्चे गड्ढे में डूब गए हैं।
इसके बाद गड्ढे में दोनों बच्चों की सर्चिंग शुरू की गई। रात करीब 12 बजे दोनों बच्चों के शव मिले। दोनों की गड्ढे में डूबने से मौत हो चुकी थी। सोमवार सुबह दोनों बच्चों का पीएम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। चक्का जाम करने से इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोग काफी परेशान रहे। जाम करीब 2.30 बजे तक चला।
इसके बाद पुलिस अफसरों के समझाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। लोगों ने धरना-प्रदर्शन खत्म किया। इसके बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। बच्चों की मौत के बाद… परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने सड़क पर जाम लगा दिया।
खैरागढ़ छुईखदान थाना क्षेत्र के झूरानदी गांव में रविवार को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। गांव के गजानंद वर्मा के चार वर्षीय बेटे करण और दो वर्षीय बेटी वैशाली के शव घर के पास स्थित एक कुएं से बरामद हुए। पहले तो मामला सामान्य हादसे का लगा, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो सामने आई सच्चाई ने सभी को झकझोर दिया।
इन दोनों मासूमों की हत्या उनकी ही चचेरी नाबालिग बहन ने की थी। पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया। बताया कि मृतक बच्चों और आरोपी नाबालिग के परिवार के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों परिवारों में आपसी बातचीत बंद थी और मृतकबच्चों के माता-पिता ने उन्हें आरोपी बहन से खेलने से मना कर दिया था।
रविवार को जब बच्चे खेल रहे थे, तभी करण ने अपनी चचेरी बहन को मजाक में चोरनी कह दिया। इस बात पर आरोपी बालिका को इतना गुस्सा आया कि उसने करण को कुएं में धकेल दिया। जब छोटी बहन वैशाली ने शोर मचाया, तो आरोपी ने पहले उसका गला दबाया, फिर रुमाल से उसका मुंह बांधा और उसे भी कुएं में धकेल दिया। इसके बाद वह शांत भाव से अपने घर लौट आई, मानो कुछ हुआ ही न हो।
दोनों बच्चे एक ही परिवार के थे। एक साथ दो बच्चों की मौत से दोनों परिवार सदमे में हैं। सत्य के पिता शेषनारायण जरवाय में नया घर बना रहे हैं। इसलिए कुछ दिनों से वीर सावरकर मोहल्ले में किराए का मकान लेकर रह रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उनके साढ़ू का बेटा गुढ़ियारी से आलोक भी उनके यहां रहने आया था। बताया जाता है कि आलोक की मौसी का जन्मदिन था। इसमें शामिल होने वह आया था। दोनों बच्चों की मौत से उनकी मां का रो-रो कर बुरा हाल है।
Updated on:
11 Nov 2025 09:56 am
Published on:
11 Nov 2025 09:56 am
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