
CG News: छत्तीसगढ़ के त्रिवेणी संगम पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेले में हैरतअंगेज करतब दिखाए जा रहे हैं। जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाएगा। मेले के स्थानीय मंच पर भखारा से आए अखाड़ा दल ने मंच पर अपने शौर्य का प्रदर्शन करते हुए कई करतब दिखाए। जिसे देखकर लोग रोमांचित हो उठे। अखाड़ा दल में एक युवक ने शौर्य प्रदर्शन करते हुए साइकिल को अपने दांतों उठाकर लोगों को हैरान कर दिया। जांबाज युवकों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। वहीं मेले में बड़ों के अलावा छोटे बच्चों ने वाद्ययंत्र बजाकर दर्शकों से खूब तालियां बटोरी।
राजिम कुंभ कल्प के छठवें दिन रात्रिकालीन कार्यक्रम में बॉलीवुड पार्श्व गायक असीत शर्मा ने सुमधुर भजनों से दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने गणेश वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद बजाओ नगाड़ा ढोल मेरे श्री राम आएं हैं, श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी…हे नाथ नारायण…, हर प्राण में वास हैं तेरा मैया…, बांके बिहारी नजर न लग जाए…, केसरी के लाल मेरा छोटा सा काम.., तोला बंदव शारदा मैया.., बड़े दूर से आए हैं…, मोर अंगना पधारो महारानी…, जैसे मनमोहक भजनों की प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
मंच पर पिंकी वर्मा की मंडली ने मानस गान के माध्यम से श्री राम के आदर्श चरित्र का वर्णन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। किरण शर्मा की टीम ने लोककला मंच से गणपति जगवंदन…, राधे-राधे-राधे बरसाने वाली राधे.., ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम का…, हरे राम हरे कृष्ण.., अंगना में भारत माता के…, सोन के चिरैया बोले…,् जैसे सुपर हिट गीतों की धमाकेदार प्रस्तुति से दर्शक झूमने लगे। वर्षा देवांगन ने कत्थक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
सांस्कृतिक मंच में कबीर ने कत्थक नृत्य के माध्यम से माता पार्वती द्वारा शिव की आराधना किए जाने के प्रसंग को लेकर अपनी प्रस्तुति दी। जिसे दर्शकों ने खूब सराहा और कत्थक नृत्य की काफी प्रशंसा की। पंडवानी गायिका पार्वती साहू ने महाभारत के पात्र भीम से संबंधित कई प्रसंग की मिली-जुली प्रस्तुति दी। पितईबंद से आई रतजगा टीम ने माता के भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे पंडाल में भक्ति पूर्ण माहौल बना दिया। जय चंडी मानस मंडली की महिलाओं ने राम चरित मानस पर भक्ति के प्रकारों की व्याया के साथ अपनी प्रस्तुति दी। पुनाराम यादव के राउत नाचा ने पूरे माहौल का रंग बदलते हुए दोहों की बौछार कर दी। जिसे देखकर दर्शक भी राउत नाचा के रंग में रंग कर झूमने लगे।
राजिम कुंभ कल्प मेला के सांस्कृतिक मंच पर गांव-गांव से हुनरमंद प्रतिभाएं पहुंच रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के कलाकारों को कुंभ कल्प के मंच पर स्थान मिलने से उनका मनोबल बढ़ा है। कम संसाधन और अवसर की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कलाकारों की कला परवान चढ़ने से पहले ही मुरझाकर दम तोड़ दिया करती थी। लेकिन कुंभ कल्प के आयोजन में इन कलाकारों को मंच मिलने से क्षेत्र की प्रतिभा उभर कर सामने आ रही है।
Updated on:
19 Feb 2025 01:03 pm
Published on:
19 Feb 2025 01:02 pm
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