
इंजीनियरिंग में होगी भगवत गीता व संविधान की पढ़ाई (Photo source- Patrik
CG News: इस साल से प्रदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई में बहुत से बदलाव दिखाई देंगे। राज्य शासन नए शैक्षणिक सत्र से तकनीकी शिक्षा में भी नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी कर चुका है। एनईपी के तहत सीएसवीटीयू ने नया सिलेबस डिजाइन किया है। इसमें पहले से चौथे सेमेस्टर तक की पढ़ाई में चार नए विषय जोड़े गए हैं। विद्यार्थी पहले सेमेस्टर में प्राचीन भारतीय ज्ञान पढ़ेंगे।
वहीं दूसरे सेमेस्टर में भारतीय संस्कृति और संविधान पढ़ाया जाएगा। इसी तरह तीसरे सेमेस्टर में एडिशनल विषय भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और अभ्यास जोड़ा गया है। शुरुआती तीन सेमेस्टर में देश और प्रदेश की सभ्यता और संस्कृति को समझने के बाद विद्यार्थियों को चौथे सेमेस्टर में श्रीमद् भगवत गीता पढ़ाई जाएगी।
एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोलॉजी का चैप्टर होगा। इससे विद्यार्थियों को जीवन और ब्रहांड के पहलू पता चलेंगे। एनईपी पर आधारित नया सिलेबस इंजीनियरिंग से लेकर फार्मेसी और डिप्लोमा तक सभी ब्रांच के लिए अप्लाई होगा। व्यापमं ने पीईटी, पीपीएचटी सरीखी तमाम प्रवेश परीक्षाएं करा ली है, जिसका रिजल्ट जल्द ही घोषित होगा। इसके बाद जुलाई-अगस्त से तकनीकी कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू होगी।
राज्य में एनईपी लागू होने के बाद इंजीनियरिंग के साथ किसी भी टेक्निकल कोर्स में दाखिले के लिए आयु सीमा का बंधन नहीं रहेगा। पहले 25 वर्ष की अधिकतम आयु तक ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में नियमित प्रवेश दिए जाते थे, लेकिन अब 80 वर्ष का व्यक्ति भी इंजीनियरिंग की नियमित पढ़ाई करेगा।
सीएसवीटीयू के एनईपी आधारित सिलेबस को इस तरह से तैयार किया गया है कि,विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट के विकल्प मिलेंगे। पहले साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में सर्टिफिकेट मिल जाएगा।
ऐसे ही दूसरे और तीसरे साल की पढ़ाई के बाद एग्जिट करने पर डिप्लोमा की पात्रता होगी। पूरा कोर्स मुकमल करने वाले विद्यार्थी डिग्री के हकदार बनेंगे। अभी बीटेक में बीच में पढ़ाई छोड़ने के बाद वहीं से वो कोर्स शुरू करने का प्रावधान नहीं है, लेकिन मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट फॉर्मूले से यह मुमकिन होगा।
नई शिक्षा नीति के तहत फिजिक्स और केमिस्ट्री सिर्फ उतनी ही पढ़ाई जाएगी, जितना की ब्रांच के लिए जरूरी है। पूरा विषय नहीं पढ़ना होगा। पहले तक ईयर में छात्र कॉमन सब्जेक्ट जैसे मैथ, फिजिक्स, केमिस्ट्री आदि पढ़ते थे। अब इनके साथ एक सब्जेक्ट स्किल के लिए भी होगा।
डॉ. अंकित अरोराकुलसचिव, सीएसवीटीयू: नए सत्र से सीएसवीटीयू में नई शिक्षा नीति लागू होनी है। इंजीनियरिंग सहित तमाम कोर्स के लिए सिलेबस को अपडेट किया गया है। श्रीमद भगवत गीता से लेकर छात्र संविधान तक पढ़ेंगे। छात्रों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट का विकल्प भी मिलेगा। पहले सेमेस्टर में प्रोग्रामिंग को भी जोड़ा गया है।
CG News: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तैयार सिलेबस में सीएसवीटीयू ने अब पहले सेमेस्टर से ही प्रोग्रामिंग को जोड़ दिया है। कंप्यूटर साइंस, आईटी, एआई और डाटा साइंस जैसे ब्रांच में पहले विद्यार्थियों को सिर्फ सी लैग्वेज पढ़ाई जाती थी, लेकिन नए सिलेबस में सीएसवीटीयू ने प्रथम सेमेस्टर में पाइथन फॉर प्रॉब्लम सॉल्विंग एंड लॉजिक जोड़ दिया है। इसके अलावा मैकेनिकल में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग फार इंडस्ट्री ४.० जोड़ा गया है।
अन्य ब्रांच में भी नए विषय जुड़े हैं। इसके अलावा कोर कंप्यूटर साइंस ब्रांच से लेकर एआई और डाटा साइंस तक दूसरे सेमेस्टर में कंप्यूटर नेटवकिंग सिक्योरिटी सर्विलांस विषय जोड़ा गया है। पहले तक इसे ५वें सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग कंबाइंड ब्रांच में बेसिक ऑफ कंप्यूटर नेटवर्क जोड़ा गया है।
डिग्री के साथ सीएसवीटीयू डिप्लोमा प्रोग्राम का सिलेबस भी बदला है। डिप्लोमा में स्किल बेस्ड विषय जोड़े गए हैं। अब पहले सेमेस्टर के विद्यार्थी फंडामेंटल ऑफ कंप्यूटर एंड आईटी की पढ़ाई करेंगे, वहीं दूसरे सेमेस्टर में उनका पर्यावरण विज्ञान पढ़ाया जाएगा। इसके साथ इंजीनियरिंग वर्कशॉप और एशेनशियल ऑफ ऑफिस एप्लीकेशन विषय पढ़ाएंगे।
Updated on:
01 Jun 2025 10:24 am
Published on:
01 Jun 2025 10:24 am
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