
जीएसटी 2.0 का असर हर जगह दिखेगा
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में कारोबारियों के 3000 से ज्यादा गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के प्रकरण पिछले 9 सालों से विभिन्न प्लेटफार्म पर लंबित हैं। यह प्रकरण स्टेट और सेंट्रल जीएसटी में टैक्स देने वाले कारोबारियों के प्रकरण हैं। विवादित प्रकरणों का निराकरण नहीं होने पर कारोबारी अपील शाखा से लेकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ लगा रहे हैं।
कारोबारियों का कहना है कि जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन की घोषणा की गई है, लेकिन अब तक सदस्यों और अध्यक्षों की नियुक्ति तक नहीं हो पाई है। इसके शुरू होने पर लंबित प्रकरणों को सुलझाने में कारोबारियों को राहत मिलने के साथ ही शासन को बकाया राजस्व भी मिलेगा। बता दें कि अपीलेट ट्रिब्यूनल के शुरू होने पर 1 जुलाई 2017 से अब तक प्रकरणों की सुनवाई होगी।
इसके लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन करने की कवायद चल रही है। इसमें 2 ज्यूडिशियल और 2 टेक्नीकल सदस्य होंगे। इसमें वरिष्ठ ज्यूडिशियल सदस्य को अध्यक्ष और तीन अन्य को कोरम पूरा करने के लिए सदस्य बनाया जाएगा। इनकी नियुक्ति केंद्र और राज्य सरकार द्वारा की जाना है। इस ट्रिब्यूनल को जीएसटी के लंबित प्रकरणों की सुनवाई करने का ज्यूडिशियल अधिकार मिलेगा।
जीएसटी कौंसिल की 56 वी बैठक के अनुसार छत्तीसगढ़ के साथ ही देशभर के विभिन्न राज्यों में सितंबर के अंतिम सप्ताह अथवा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से कारोबारी ट्रिब्यूनल में अपनी अपील कर सकेंगे। दिसंबर 2025 से नियमित रूप से कामकाज शुरू होने की उमीद है। 30 जून 2026 तक जीएसटी गठन के बाद से प्रकरणों की अपील करने का मौका मिलेगा। बता दें कि कारोबारियों के बकाया टैक्स, छापेमारी के बाद बकाया रिकवरी और जीएसटी से संबंधित विवादित प्रकरणों की सुनवाई होगी।
Updated on:
08 Sept 2025 11:56 am
Published on:
08 Sept 2025 11:54 am
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