
शहरी आजीविका मिशन की जानकारी देतीं पर्यवेक्षिका (Photo source- Patrika)
CG News: संतराम साहू/अब महिलाओं के स्व-सहायता समूह की तरह पुरुषों का भी स्व-सहायता समूह बनाया जा रहा है। यह कार्य राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत किया जा रहा है। समूह में पांच से आठ पुरुषों को शामिल किया जा रहा है। पुरुषों की इस समूह को सीआईजी यानी कॉमन इंट्रेस्ट ग्रुप नाम दिया गया है।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पंडित दीनयाल जन अंत्योदय योजना के तहत देशभर में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में रायपुर नगर निगम में पायटल प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके बाद इसे सभी निकायों में लागू किया जाएगा।
पुरुषों के स्व-सहायता समूह में सिर्फ गरीबी रेखा के नीचे वाले पुरुष ही नहीं बल्कि गरीबी रेखा से ऊपर एपीएल वाले भी शामिल हो सकते हैं। इसमें शर्त यह रखी गई है कि जिसकी सालाना आय दस लाख से अधिक न हो उसे समूह में शामिल नहीं किया जाएगा।
सीआईजी ग्रुप को शासन की किन-किन योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, इसका फिलहाल कोई जानकारी केंद्र से नहीं दी गई है। नई गाइड लाइन आने के बाद इस ग्रुप को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
CG News: जानकारी के अनुसार रायपुर नगर निगम के सभी 70 वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत सीआईजी एनएलयूएम के सामुदायिक संगठकों द्वारा बनाया जा रहा है। समूह के लिए ऐसे तबकों के पुरुषों को चिन्हित किया जा रहा है, जो मजदूर वर्ग से जुड़े हैं। इसके अलावा ऐसे पुरुषों का भी स्व-सहायता समूह बनाया जा रहा है, जो मजूदर वर्ग से नहीं लेकिन समूह बनाकर कोई स्टार्ट अप शुरू करना चाहता है। ताकि सरकार की योजना का लाभ लेने में कोई दिक्कत न हो। सामुदायिक संगठकों द्वारा समूह बनाकर इसका पंजीयन कराया जा रहा है।
शशांक पांडेय, सीईओ, सूडा: राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पुरुषों का समूह बनाने के लिए रायपुर नगर निगम में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। महिलाओं की तरह ही पुरुषों के पांच-पांच लोगों का समूह केंद्र के दिशा-निर्देश पर बनवाए जा रहे हैं।
Published on:
13 Jul 2025 09:44 am
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