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CG News: नगर निगम की खानापूर्ति सफाई, अब तेज बारिश हुई तो डूबेंगे कई इलाके

CG News: रायपुर शहर में ऐसे दर्जनभर मोहल्ले नगर निगम की सूची में दर्ज हैं, जहां अब तेज बारिश होने पर जलभराव का खतरा ज्यादा है।

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CG News: नगर निगम की खानापूर्ति सफाई, अब तेज बारिश हुई तो डूबेंगे कई इलाके(photo-patrika)

CG News: नगर निगम की खानापूर्ति सफाई, अब तेज बारिश हुई तो डूबेंगे कई इलाके(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में ऐसे दर्जनभर मोहल्ले नगर निगम की सूची में दर्ज हैं, जहां अब तेज बारिश होने पर जलभराव का खतरा ज्यादा है। हैरानी ये कि जब बारिश की झड़ी लगनी शुरू, इससे पहले तक केवल खानापूर्ति की ही सफाई चलती रही है। महाराजबंध पटेल विद्यामंदिर नाले को अंडरग्राउंड कराया है, उसे आज तक दूसरे नाले में कनेक्ट ही नहीं किया गया है।

CG News: जहां खतरा ज्यादा, वहां नहीं कराई सफाई

वहीं, संतोषनगर तरुण बाजार के करीब नहर नाले की खोदाई अब कराई जा रही है। तीन-चार दिनों से नहर रोड से आवाजाही बंद पड़ी है। बरसात के दिनों में पिछले 25 सालों से एक जैसे ढर्रे पर ही नगर निगम चल रहा है। जिन क्षेत्रों में पहले पानी भरा करता था, वहीं क्षेत्रों में आज भी खतरा ज्यादा है।

क्योंकि पानी निकासी की पुख्ता तौर न तो सफाई कराई गई न ही जहां-जहां नाले संकरे हुए वहां चौड़ाई बढ़ाई गई। हर साल नए बस स्टैंड के सामने राधास्वामी नगर और प्रोफेसर कॉलोनी में पानी भरता है। ऐसी स्थिति अभी भी बनी हुई है। क्योंकि रविवार की लगी झड़ी से ही रिंग रोड के सर्विस रोड से निकासी बंद दिखी है। मोतीबाग चौक में हर साल पानी भरता है। पहली बारिश में भी भरा। खमतराई, भनपुरी, देवपुरी, लाभांडी, जोरा तरफ भी ऐसा ही हाल है।

पाटा तोड़ सफाई किसी जोन में नहीं चली

महापौर मीनल चौबे, निगम आयुक्त विश्वदीप ने बार-बार पाटा तोड़ सफाई कराने की हिदायत दी है। इसके साथ ही जलभराव होने पर सीधे तौर पर जोन कमिश्नरों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की है। इसके बावजूद किसी भी जोन में अभियान चलाकर पाटा तोड़ सफाई नहीं कराई। न ही नालों के बहाव रोकने वाली बाधाओं को दूर किया है। इसके कारण तेज बारिश होने पर जलभराव की स्थिति शहर में निर्मित होगी, जो लोगों की परेशानी का कारण बनेगी।

ऐसे दर्जनभर से ज्यादा मोहल्ले सूची में

शहर में नगर निगम ने ऐसे दर्जनभर जगहों की सूची तैयार की है। जहां जलभराव का सबसे अधिक खतरा बना हुआ है। इससे शहर के हजारों लोग जलभराव जैसी समस्या से घिर जाएंगे। इसका समाधान समय रहते नहीं किया जा सका। जबकि जोनवार ऐसी सूची खुद नगर निगम के जिम्मेदारों ने तैयार कर रखी है। पिछले एक महीने के दौरान कई बार बारिश हो चुकी है और अब झड़ी लगी हुई है। ऐसे में जमीन पानी सोख चुकी है, जैसे ही तेज हुई तो कई मोहल्लों पर मुसीबत टूटने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

महापौर रायपुर मीनल चौबे जलभराव की समस्या को देखते हुए कई बार की बैठकों में व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही यह तय किया है कि अब सीधे तौर पर जोन कमिश्नर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। क्योंकि शहर के लोगों की समस्याओं का निराकरण मुख्य उद्देश्य है। वार्ड स्तर पर मास्टर प्लान भी तैयार करा रहे हैं।

बाम्बे मार्केट से रजबंधा मैदान नाले का काम जारी

पानी निकासी के प्रयोग पिछले 10 सालों से किए जा रहे हैं। पूरा बांसटाल क्षेत्र डूबता था, लेकिन जीई रोड को क्रॉस कर आगे निकालने से ये समस्या कम हुई है। बाम्बे मार्केट, रजबंधा मैदान वाले नाले का काम चल रहा है, जिसे मौदहापारा नाले में जोड़ना है। ऐसा ही हाल भाठागांव और महाराजबंद, कुशालपुर क्षेत्र तरफ भी है। क्योंकि नए बस स्टैंड के नाले को राजनीतिक दखल की वजह से रिंग रोड वाले नाले में नहीं जोड़ा। जबकि सरयूबांधा और महाराजबंध तालाब तरफ के पानी का दबाव अधिक होता है।