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शहर के दो बड़े ऐतिहासिक तालाब बदहाल, जिम्मेदारों ने अब तक करोड़ों रुपए फूंके

CG News: रायपुर में जो शहर अपने ऐतिहासिक तालाबों पर इतराता रहा है, उन तालाबों की बदहाली करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी दूर नहीं हुई।

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शहर के दो बड़े ऐतिहासिक तालाब बदहाल(photo-patrika)

शहर के दो बड़े ऐतिहासिक तालाब बदहाल(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में जो शहर अपने ऐतिहासिक तालाबों पर इतराता रहा है, उन तालाबों की बदहाली करोड़ों रुपए फूंकने के बाद भी दूर नहीं हुई। महाराजबंध तालाब में सबसे बड़े नाले की गंदगी गिर रही है। इस तालाब को बचाने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पिछले तीन साल से लग रहा है और आज भी अधूरा है।

अब नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी के अधिकारी बोले, अगले दो माह में काम पूरा हो जाएगा। वहीं काम कर रहे ठेका एजेंसी समृद्धि वाटर वर्ल्ड के कर्मचारी बोल रहे हैं कि एसटीपी चालू होने में अभी एक साल लगेगा। दूसरी तरफ ऐतिहासिक बूढ़ातालाब पर खर्च हुए 29 करोड़ वाले सिस्टम की सुविधा राजधानी के लोगों को नहीं मिल रही।

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CG News: महाराजबंध तालाब

महाराजबंध तालाब में नाले की गंदगी नहीं मिले, इसके लिए स्मार्ट कंपनी ने एसटीपी लगाने का ठेका 11 करोड़ रुपए में दिया। तालाब के साथ नरैया तालाब और खोखो-बंधवा तालाब को गंदगी से बचाने के लिए 7 करोड़ में एसटीपी लगाने का ठेका दिया। इन तालाबों में एसटीपी का काम दो साल तक बंद रहा है।

महाराजबंध तालाब में पिछले महीने काम दोबारा चालू हुआ। यहां काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया एसटीपी चालू करने में एक साल लगेगा। वहीं नगर निगम ने बयान जारी कर बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारी कह रहे हैं कि अगले दो महीने में काम पूरा करा लेंगे।

पर्यटन मंडल को सौंपने के बाद बर्बाद हो गया बूढ़ातालाब

शहर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बूढ़ातालाब को बर्बाद करने में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने कोई कमी नहीं छोड़ी। इस तालाब के सौंदयी्रकरण में रायपुर स्मार्ट सिटी के फंड से करीब 29 करोड़ का हिसाब-किताब किया गया। बोटिंग की सुविधा, 5 करोड़ों का म्यूजिक फाउंटेन लगाया गया। पाथवे और गार्डन विकसित किया गया है। लेकिन, देखरेख के अभाव में सब कुछ बर्बाद हो गया है।

क्योंकि ऐसे करोड़ों रुपए का काम कराने के बाद पिछले महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल में एमआईसी और सामान्य सभा में अनुमोदन के बाद 2023 के नवम्बर महीने में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को हस्तांतरित किया गया, लेकिन पर्यटन मंडल के अधिकारियों ने ऐतिहासिक बूढ़ातालाब को ऐसा बर्बाद किया कि न तो शहर के लोगों को बोटिंग की सुविधा मिली और न ही म्यूजिक फाउंटेन को चालू किया। इसके कलपुर्जे पानी में सड़ रहे हैं।

स्कूल तरफ कारोबार बढ़ाने में पूरा जोर लगाया

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी जलाशय के 100 मीटर के दायरे में किसी तरह का व्यावसायिक कारोबार नहीं किया जा सकता है। इसका उल्लंघन करते हुए पर्यटन मंडल के अधिकारी और सत्तापक्ष के रसूखदार सांसद, विधायक की मिलीभगत से सप्रेशाला स्कूल और डिग्री गर्ल्स कॉलेज तरफ के परिक्रमा पथ को कारोबार का सेक्टर बनाने में ही पूरा जोर लगाया है। यहां पहुंचने पर केवल गुमटियां लाइन से नजर आती हैं।