
CG News: नवरात्रि पर्व पर पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती राजधानी के रावांभाठा सुदर्शन संस्थानम आश्रम में विराजे हैं। यहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पादुका पूजन कर महाराज से आशीर्वाद लिया। आश्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं को राष्ट्रोत्कर्ष के लिए प्रेरित किया। उन्हें धर्म-आध्यात्म का पाठ पढ़ाया।
हिंदू राष्ट्र संगोष्ठी में शंकराचार्य महाराज ने कहा कि सनातन धर्म, दर्शन, कर्म और विचार अनुशरण योग्य होने के कारण सर्वश्रेष्ठ है। देश-दुनिया में जितने धर्म हैं, वे जब भी किसी समस्या से घिरते हैं, तो सनातन में ही समाधान खोजते हैं। इसलिए हिंदुत्व को आगे बढ़ाना होगा। शंकराचार्य महाराज ने यह भी कहा कि संसार में भाग्यशाली वही है, जो उत्तम व्यवहार और सद्कर्म करते हुए जीवन जीते हैं। जो मन, वचन और कर्म से उत्तम व्यवहार नहीं करते हैं, ऐसे लोग ही अभागे कहे और माने जाते हैं।
पुरी के पीठधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद महाराज ने धर्म ध्वजा को आगे बढ़ाने की सीख देते हुए कहा, हिंदुओं को हिंदुत्व की बातों पर ही जोर देना चाहिए। शंकराचार्य महाराज ने सरकारों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार बढ़ाने की प्रवृत्ति और नीतियां बंद होनी चाहिए। महाराज ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की कि जब भी कोई नक्सलवादी घटना होती है, तो उसमें केवल और केवल राजनीति होती है।
इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए प्रभावितों को धर्म के रास्ते पर लाकर हम समाधान कर सकते हैं। इसलिए शासन-प्रशासन को प्रयास करना चाहिए। कैसे उन्हें भोजन, पानी और रोजगार मिले, इस पर चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान धर्म प्रचार समिति के सदस्य भी भारी संख्या में संगोष्ठी का हिस्सा बने।
शंकराचार्य महाराज ने कहा, किसी भी समस्या का समाधान सनातन में है। जो लोग हिंदू धर्म की महत्ता को नहीं जानते-समझते हैं, वही धर्मांतरण करते हैं। धर्मांतरण कराना महापाप है। शंकराचार्य ने यह भी कहा, सबको अपने-अपने धर्म का पालन और आचरण करना चाहिए।
Updated on:
05 Apr 2025 12:32 pm
Published on:
05 Apr 2025 12:32 pm
