युवती के अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस की जांच में कई खामियां मिली। प्रकरण की जांच के दौरान ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि हादसे के समय वह कार चला रही थी जबकि उसे कार चलाना ही नहीं आता है। घटना के समय वह कार में बैठी हुई थी। ड्राइविंग लाइसेंस के संबंध में विदेश मंत्रालय के माध्यम से इस बात की पुष्टि की जानी थी। जिसे कोर्ट के समक्ष रखा गया।