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CG News: जिले के 90 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी यूनिक आईडी, ‘अपार’ में रहेगा पढ़ाई का लेखा-जोखा

CG News: बिलासपुर जिले के 90 हजार विद्यार्थियों के कार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में हर विद्यार्थियों की यूनिक आईडी बनाने पर जोर दिया गया है।

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CG News: बिलासपुर प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे सभी बच्चों को अब एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अब हर स्टूडेंट को 12 डिजिट की एक स्थायी पहचान आवंटित की जाने वाली है। जिसे अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी के नाम से जाना जाएगा। इसे एकेडेमिक क्रेडिट बैंक और डिजिलॉकर से भी जोड़ा गया है।

CG News: अपार आईडी के फायदे

विद्यार्थी का परीक्षा परिणाम, उपाधियां और छात्रवृत्ति आदि की जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी।

डिजि लॉकर से जोड़ा जाएगा, जहां समस्त उपलब्धियां एक जगह मिल सकेंगी।

स्थानांतरण, कौशल, नौकरी व उच्च शिक्षा के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

अपार को विद्यार्थी के शैक्षणिक क्रेडिट बैंक (एबीसी) से भी जोड़ा जा सकेगा।

भर्तियों में दस्तावेज सत्यापन हो सकेगा। फर्जीवाड़े से डिग्री ली है तो पकड़ में आएगी।

हर विद्यार्थियों की यूनिक आईडी बनाने पर जोर

शैक्षणिक उपलब्धि को एक साथ रखने के लिए एक देश, एक स्टूडेंट आईडी की कवायद कर रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में हर विद्यार्थियों की यूनिक आईडी बनाने पर जोर दिया गया है। यूनिक आईडी के लिए अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) का कार्य प्रारंभ किया गया है। निर्माण केंद्र सरकार के यू-डाइस प्लस पोर्टल से किया जाएगा।

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शैक्षणिक डाटा इस नंबर के जरिए किया जा सकेगा एक्सेस

CG News: इसके इसके लिए विद्यालय का शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में यू डाइस प्लस पोर्टल सक्रिय होना जरूरी है। साथ ही विद्यार्थी का भी सक्रिय होना जरूरी है। विद्यार्थी का समस्त डाटा सत्यापित होने के बाद ही अपार के जरिए परमानेंट एजुकेशन नंबर (पीईएन) जनरेट होगा।

जिन शिक्षण संस्थाओं में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है, वहां स्टूडेंट के लिए अपार आईडी बनाने का काम शुरू हो गया है। एक बार अपार आईडी जनरेट होने के बाद विद्यार्थी का सभी तरह का शैक्षणिक डाटा इस नंबर के जरिए एक्सेस किया जा सकेगा।

आधार के बिना नहीं बनेगी ‘अपार’ आईडी

शिक्षा विभाग के अधिकारी अखिलेश मेहता ने बताया कि अपार आईडी के लिए विद्यार्थी के पास आधार कार्ड होना चाहिए। साथ ही यू डाइस प्लस पर विद्यार्थी का डाटा स्कूल द्वारा सत्यापित होना चाहिए। यू डाइस पोर्टल पर माता-पिता, अभिभावक का सही मोबाइल नंबर उपलब्ध होना चाहिए। जिन विद्यार्थियों का आधार कार्ड नहीं है, उन्हें आधार बनवा लेना चाहिए। इसके बिना अपार आईडी जेनरेट नहीं होगी।

स्कूलों में बनाई जा रही अपार आईडी

CG News: बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी, टीआर साहू ने बताया कि स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अब एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। एक देश एक स्टूडेंट आईडी के लिए जारी होने वाला यह परमानेंट एजुकेशन नंबर (पीईएन) 12 अंकों का होगा। इसके लिए काम शुरू हो गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की जानकारी लेकर उनका अपार आईडी बनाई जा रही है।