4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: 10 जून को जिला स्तरीय पोल खोल रैली… 16 को शिक्षक संगठन करेगा शाला प्रवेशोत्सव का बहिष्कार

CG News: स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ 16 जून से शुरू होने वाले प्रदेशभर के स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव का विरोध करने का निर्णय लिया है।

2 min read
Google source verification
10 जून को पोल खोल रैली (Photo source- Patrika)

10 जून को पोल खोल रैली (Photo source- Patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ में चल रही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में निर्देशों और व्याप्त विसंगतियों के विरोध में प्रदेशभर के शिक्षक संगठन लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि शिक्षक संगठनों द्वारा राज्य के एकल शिक्षकीय और शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाली कार्रवाई का विरोध नहीं किया जा रहा है।

CG News: सामूहिक विरोध-प्रदर्शन का निर्णय

उनका उद्देश्य सिर्फ युक्तियुक्तकरण से राज्य की शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों के हितों पर पडऩे वाले नकारात्मक प्रभाव को रोकना है। इसीलिए सभी शिक्षक संगठनों ने सर्व शिक्षक साझा मंच के तहत एक बैनर के नीचे सामूहिक विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान साझा मंच ने कहा कि युक्तियुक्तकरण में प्याप्त विसंगतियों को दूर नहीं करने वाले स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ 16 जून से शुरू होने वाले प्रदेशभर के स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव का विरोध करने का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें: युक्तियुक्तकरण: DEO के आदेश से शिक्षकों में मची खलबली, फिर से नौकरी पर आई बात?

इससे पहले 10 जून से साझा मंच जिला स्तरीय पोल खोल रैली का आयोजन करेगा और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगा। वहीं, 13 जून को प्रदेशभर में संभाग स्तरीय पोल खोल रैली का आयोजन किया जाएगा और संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदेशभर के शिक्षक युक्तियुक्तकरण में सेटअप 2008 के पालन की मांग कर रहे हैं।

पारदर्शिता का अभाव

CG News: साझा मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है, किंतु संबंधित समितियों को सर्वाधिकार प्रदान कर दिया गया है और किसी भी स्तर पर जानकारियों को सार्वजनिक करने या दावा-आपत्ति करने और उनके निराकरण की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण निरंकुशता, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की व्यापक आशंका है। विभाग की वर्तमान दुर्व्यवस्था का कारण भी यही है, किंतु इस पर लगाम लगाने की कोशिश भी नहीं की गई है।